
UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच वादों और दावों का दौर तेज हो गया है। हाल ही में सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह खबर तेजी से फैली कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश की महिलाओं को लुभाने के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का बड़ा चुनावी वादा कर सकती है। इस खबर के सामने आते ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए इस पर विराम लगा दिया है।
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“50 हजार देने की खबर कहां से आई, मुझे जानकारी नहीं” – पंकज सिंह

पार्टी के संभावित चुनावी वादों पर पूछे गए सवाल का सीधा जवाब देते हुए पंकज सिंह ने स्पष्ट किया कि संगठन स्तर पर ऐसी किसी योजना पर कोई चर्चा नहीं हुई है, उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में महिलाओं को हम 50 हजार रुपये देने जा रहे हैं, यह खबर कहां से आई, मेरे पास इसकी कोई जानकारी नहीं है।” उन्होंने समझाया कि बीजेपी में घोषणापत्र (Manifesto) तैयार करने की एक तय प्रणाली है। इसके लिए एक समर्पित समिति का गठन किया जाता है जो राज्य की जरूरतों और वित्तीय बजट का गहन अध्ययन करती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कोई भी वादा करने से पहले यह तय करती है कि उसके लिए बजट और धन कहां से आएगा, ताकि वादे केवल कागजी न रहें।
सपा की ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ पर कसा तंज

इससे पहले समाजवादी पार्टी ने महिलाओं और बेटियों को साधने के लिए बड़े चुनावी वादों का कार्ड खेला था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत राज्य की प्रत्येक महिला को सालाना 40 हजार रुपये देने और युवाओं को लैपटॉप बांटने की घोषणा की थी।

सपा के इन वादों पर करारा हमला बोलते हुए पंकज सिंह ने कहा, “जब किसी दल को चुनाव जीतकर आने की उम्मीद ही नहीं होती, तो वे कुछ भी देने का दावा कर सकते हैं। 2024 के चुनाव में भी महिलाओं को 1 लाख रुपये देने की बातें कही गई थीं। विपक्षी दल चुनावी लाभ के लिए कोई भी खोखला वादा कर सकते हैं।”
2027 चुनाव को लेकर गरमाने लगी प्रदेश की राजनीति

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अभी से महिला मतदाताओं को केंद्र में रखकर अपनी रणनीतियां बनाने में जुट गए हैं। जहां समाजवादी पार्टी अपनी कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा कर बढ़त बनाने की कोशिश में है, वहीं सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी वित्तीय अनुशासन और ठोस योजनाओं के आधार पर जनता के बीच जाने का संकेत दे रही है।
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