Israel-Iran War : संकट में फंसे यूपी के 6000 श्रमिक, योगी सरकार अलर्ट, हेल्पलाइन नंबर जारी!

ईरान-इजराइल महायुद्ध के बीच इजराइल में निर्माण और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के 6000 श्रमिकों की जान आफत में है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी है। क्या समय रहते इन मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा सकेगा?

Israel-Iran War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 1, 2026

Israel-Iran War: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इज़राइल में कार्यरत अपने राज्य के हज़ारों श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ईरान और इज़राइल के बीच जारी सीधे टकराव और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच, उन परिवारों में चिंता की लहर है जिनके सदस्य रोज़गार के सिलसिले में वहां गए हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय और श्रम विभाग लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं ताकि हर एक श्रमिक की सलामती सुनिश्चित की जा सके।

इज़राइल में कार्यरत हैं यूपी के 6,004 निर्माण श्रमिक

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुल 6,004 निर्माण श्रमिक वर्तमान में इज़राइल की विभिन्न निर्माण कंपनियों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कार्यरत हैं। इन श्रमिकों का चयन साल 2024 में एक विशेष सरकारी प्रक्रिया के तहत किया गया था। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और इज़राइल की सरकारी संस्था ‘पीबा’ (PIBA) के माध्यम से इन कुशल कामगारों को वहां भेजा गया था। सरकार का कहना है कि ये सभी श्रमिक वैध दस्तावेज़ों के साथ सरकारी चैनल के माध्यम से गए हैं, जिससे उनकी ट्रैकिंग और सहायता करना आसान है।

नियमित संपर्क में सरकार: कार्यस्थलों पर सुरक्षित हैं मज़दूर

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी 6,004 श्रमिक अपने-अपने कार्यस्थलों पर सुरक्षित हैं और नियमित रूप से काम कर रहे हैं। राज्य के श्रम विभाग ने उनकी स्थिति पर सतत निगरानी रखने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित कंपनियों से फीडबैक लिया जा रहा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत पहुँचाई जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में श्रमिकों के कार्य क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी: अनावश्यक आवाजाही पर रोक

तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने इज़राइल में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों, विशेषकर निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक विस्तृत सुरक्षा परामर्श (Security Advisory) जारी किया है। दूतावास ने भारतीयों को अत्यधिक सतर्क रहने, स्थानीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने और बम शेल्टरों के पास रहने की सलाह दी है। इसके अलावा, दूतावास ने अनावश्यक यात्राओं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने का निर्देश दिया है। भारतीय राजदूत जेपी सिंह ने उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को आश्वस्त किया है कि दूतावास हर भारतीय की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

योगी सरकार का आश्वासन: परिजनों को घबराने की ज़रूरत नहीं

श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने इस संवेदनशील मुद्दे पर बयान जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकार इज़राइल में मौजूद अपने हर भाई-बहन की सुरक्षा के लिए संकल्पित है। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एमके शन्मुगा सुन्दरम् ने स्वयं भारतीय राजदूत से वार्ता कर ज़मीनी हकीकत जानी है। सरकार ने श्रमिकों के परिवारों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि किसी परिवार का अपने सदस्य से संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो वे सीधे राज्य के श्रम विभाग या विदेश मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन और संपर्क सूत्र

युद्ध के इस संकट काल में किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए भारतीय दूतावास ने चौबीसों घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। इज़राइल में मौजूद नागरिक निम्नलिखित नंबरों पर कॉल कर सकते हैं:

  • फोन नंबर: +972-54-7520711, +972-54-2428378

  • ईमेल: cons1.telaviv@mea.gov.in

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य स्तर पर भी एक मॉनिटरिंग सेल स्थापित किया है जो विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहा है। सरकार स्थिति बिगड़ने पर श्रमिकों की सुरक्षित घर वापसी (इवैक्युएशन) की योजनाओं पर भी विचार कर रही है।

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