UP News: योगी सरकार की ब्याज माफी योजना 2026 को मंजूरी, 3 महीने तक मिलेगा लाभ

UP News: उत्तर प्रदेश में पुराने टैक्स बकाये को लेकर परेशान करदाताओं को राहत देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित पात्र बकायों पर लगने वाले ब्याज और अर्थदंड को माफ करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस फैसले से पुराने कर मामलों के निस्तारण का रास्ता खुल सकता है। तीन महीने तक मिलेगा छूट का लाभ उत्तर प्रदेश ब्याज माफी

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 9, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश में पुराने टैक्स बकाये को लेकर परेशान करदाताओं को राहत देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित पात्र बकायों पर लगने वाले ब्याज और अर्थदंड को माफ करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस फैसले से पुराने कर मामलों के निस्तारण का रास्ता खुल सकता है।

तीन महीने तक मिलेगा छूट का लाभ

उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 को तीन महीने तक लागू रखने का निर्णय लिया गया है। इस अवधि के दौरान योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार पात्र करदाता पुराने बकायों पर ब्याज और अर्थदंड में छूट का लाभ ले सकेंगे। योजना का उद्देश्य लंबे समय से लंबित कर बकायों के निपटारे को प्रोत्साहित करना और संबंधित कर कानूनों के अंतर्गत बकाया रखने वाले लोगों को राहत देना है। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों का पालन करना होगा।

बिक्री कर, व्यापार कर और वैट भी शामिल

सरकार की इस योजना के दायरे में कई पुराने कर कानूनों के अंतर्गत सृजित बकाये शामिल किए गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर, व्यापार कर और मूल्य संवर्धित कर यानी वैट से जुड़े मामले प्रमुख हैं। इन कानूनों के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक बने पात्र बकायों पर ब्याज और अर्थदंड की माफी का प्रावधान किया गया है। इससे उन करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके पुराने कर मामलों में मूल बकाये के अतिरिक्त ब्याज और जुर्माने की राशि भी जुड़ गई है।

इन पुराने कर कानूनों के मामले होंगे शामिल

उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 में कई पुराने कर अधिनियमों को शामिल किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम-1948, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, उत्तर प्रदेश आमोद एवं पणकर अधिनियम-1979, उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम-1995, उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम-2007 और उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त मनोरंजन कर से संबंधित नियमावली और उत्तर प्रदेश केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमावली-1997 के अंतर्गत आने वाले मामलों को भी योजना के दायरे में रखा गया है। इस प्रकार, सरकार ने अलग-अलग पुराने कर कानूनों से जुड़े पात्र बकायों के निस्तारण के लिए राहत का प्रावधान किया है।

ब्याज और अर्थदंड माफी से पुराने कर विवाद सुलझाने पर जोर

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित कटऑफ तारीख तक सृजित बकायों पर लगने वाले ब्याज और अर्थदंड को माफ करने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। सरकार की इस पहल से पुराने कर मामलों के निस्तारण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ब्याज और अर्थदंड का बोझ कम होने से पात्र करदाताओं को अपने लंबित मामलों को सुलझाने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।

योगी सरकार की ब्याज माफी योजना 2026 से किसे होगा फायदा?

उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 का लाभ उन करदाताओं को मिल सकता है, जिनके बकाये योजना में शामिल कानूनों के अंतर्गत आते हैं और जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं। योजना के तहत राहत की वास्तविक सीमा, आवेदन की प्रक्रिया और भुगतान से जुड़ी शर्तों के लिए सरकार द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। कुल मिलाकर, योगी सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य पुराने कर बकायों के निस्तारण को गति देना, ब्याज और अर्थदंड के बोझ से पात्र करदाताओं को राहत देना तथा लंबे समय से लंबित कर विवादों को सुलझाने के अवसर उपलब्ध कराना है।