Yogi Cabinet: लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में अहम फैसला लिया गया। कैबिनेट ने तीन प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में कुल 2,606.04 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। सरकार को उम्मीद है कि इससे विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
यूपी के तीन जिलों में स्थापित होंगी औद्योगिक परियोजनाएं
बताते चले कि, कैबिनेट से मंजूरी पाने वाली तीनों परियोजनाएं बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में स्थापित की जाएंगी। इनमें मेसर्स एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड की परियोजना बिजनौर, मेसर्स कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की इकाई उन्नाव और मेसर्स सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की परियोजना कानपुर देहात में स्थापित होगी। इन कंपनियों को नीति आधारित प्रोत्साहन के तहत लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया जाएगा।
उन्नाव में 1,573 करोड़ रुपये से बनेगी एल्युमिनियम बेवरेज कैन यूनिट
उन्नाव औद्योगिक निवेश के तहत कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एल्युमिनियम बेवरेज कैन के विनिर्माण की बड़ी इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में 1,573.62 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इकाई यूपीडा के आईएमएलसी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 26 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित की जाएगी। परियोजना की अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 130 करोड़ यूनिट होगी।
एल्युमिनियम कैन उत्पादन से बढ़ेगी उन्नाव की औद्योगिक गतिविधि
कैनपैक इंडिया की प्रस्तावित परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद उन्नाव में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। एल्युमिनियम बेवरेज कैन के बड़े पैमाने पर उत्पादन से संबंधित सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक उद्योगों के लिए भी संभावनाएं बढ़ सकती हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में बड़े निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना है।
बिजनौर में 794 करोड़ रुपये से बनेगी फ्रेंच फ्राइज यूनिट
बिजनौर में एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड अपनी मौजूदा आलू फ्लेक्स उत्पादन गतिविधियों का विस्तार करेगी। कंपनी अब फ्रेंच फ्राइज के उत्पादन में भी प्रवेश करेगी। प्रस्तावित परियोजना में 794.27 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कंपनी की मौजूदा आलू फ्लेक्स उत्पादन क्षमता करीब 7,332 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष बताई गई है, जबकि नई फ्रेंच फ्राइज इकाई की अधिकतम स्थापित क्षमता 75,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी।
फ्रेंच फ्राइज उत्पादन से आलू आधारित उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
बिजनौर में प्रस्तावित नई इकाई से खाद्य प्रसंस्करण और आलू आधारित उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बड़ी उत्पादन क्षमता वाली इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, भंडारण और परिवहन से जुड़े क्षेत्रों में भी कारोबार की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।
कानपुर देहात में सुप्रीम इंडस्ट्रीज का 238 करोड़ रुपये का निवेश
कानपुर देहात औद्योगिक परियोजना के तहत सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड 238.15 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी यहां वैल्यू एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पादों का विनिर्माण करेगी। सुप्रीम इंडस्ट्रीज वर्ष 1942 में स्थापित कंपनी है और प्लास्टिक प्रोसेसिंग क्षेत्र में प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी देशभर में आधुनिक तकनीक और उन्नत विनिर्माण सुविधाओं से लैस 28 संयंत्र संचालित करती है।
यूपी में विनिर्माण और वैल्यू एडेड इंडस्ट्री को बढ़ावा
तीनों परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से उत्तर प्रदेश में विनिर्माण और वैल्यू एडेड इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का फोकस प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ औद्योगिक आधार को विस्तार देने पर है। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इन परियोजनाओं से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ औद्योगिक सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
2,606 करोड़ के निवेश से रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
सरकार के मुताबिक, इन तीनों परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा औद्योगिक इकाइयों से जुड़े परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई, रखरखाव और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार और कारोबार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।
एफडीआई और औद्योगिक निवेश के केंद्र के रूप में मजबूत होगा यूपी
उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि कैबिनेट का यह फैसला प्रदेश को प्रमुख औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार एफडीआई, विनिर्माण और वैल्यू एडेड इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत प्रोत्साहन दे रही है। 2,606 करोड़ रुपये की इन तीन परियोजनाओं से राज्य के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई गई है।










