UP Rain: उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रदेश सरकार ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों को बारिश से प्रभावित परिवारों तक तत्काल मदद पहुंचाने और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिवृष्टि प्रभावित परिवारों से सीधे संपर्क के निर्देश

बताते चले कि, राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलें और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा जिलाधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
नेपाल की भारी बारिश से सीमावर्ती जिलों में बढ़ी सतर्कता
आपको बता दे कि, नेपाल में जारी भारी बारिश को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों, खासकर पूर्वी यूपी में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल में बारिश के कारण सीमावर्ती नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में जिलाधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और बाढ़ राहत एवं बचाव टीमों को अलर्ट मोड में रखने के लिए कहा गया है।
36 घंटे बाद यूपी में मौसम सामान्य होने का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 36 घंटे बीतने के बाद प्रदेश में मौसम की स्थिति सामान्य होने की संभावना है। राहत आयुक्त ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और संभव हो तो सुरक्षित स्थानों पर रहें। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।
आपदा की स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश

राहत आयुक्त के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक वर्षा दर्ज होने की जानकारी दी गई है। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना और कन्नौज, कानपुर देहात तथा हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई।
भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य बारिश दर्ज हुई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम वर्षा हुई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में बारिश दर्ज नहीं की गई।
117 मकान क्षतिग्रस्त, प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता
पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही भारी बारिश से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे और आकलन कराने को कहा गया है, ताकि प्रभावित लोगों को नियमों के अनुसार राहत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बारिश से फसलों को नुकसान, किसानों के लिए सर्वे के निर्देश

बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का भी तेजी से आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड अधिकारियों को खेतों में जाकर फसल क्षति का सर्वे करने के लिए कहा गया है। आकलन पूरा होने के बाद पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राहत और बचाव दल अलर्ट, डीएम को फील्ड में रहने के निर्देश
प्रशासन को जरूरत के अनुसार फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए गए हैं। सभी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण और निगरानी करने को कहा गया है।
जिलाधिकारियों को खुद फील्ड में मौजूद रहकर हालात का जायजा लेने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तत्काल निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि खराब मौसम के दौरान लोगों की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कच्चे मकानों और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी
बारिश के बीच कच्चे मकानों और जलभराव वाले क्षेत्रों को लेकर भी प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति की तत्काल जानकारी लेने को कहा गया है।
प्रशासन को जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी इलाके में खतरा बढ़ता है तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सकता है। यूपी में अगले 36 घंटे मौसम को लेकर प्रशासन की निगरानी और राहत-बचाव अभियान जारी रहेगा।










