UP News: UP बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अक्टूबर बिल में 5.24% की कटौती

उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अक्टूबर में बड़ी राहत मिलने जा रही है। यूपीपीसीएल ने एफपीपीएएस की दर (-)5.24 प्रतिशत निर्धारित की है। इससे बिजली बिल में राहत का लाभ मिलेगा और प्रदेशभर के उपभोक्ताओं को करीब 424 करोड़ रुपये का फायदा होने का अनुमान है। यह लगातार चौथा महीना है, जब बिजली बिल में राहत दी जा रही है।

UP News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 30, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अक्टूबर महीने में राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने की नीति के तहत अक्टूबर के बिजली बिल में 5.24 प्रतिशत की राहत मिलेगी। विद्युत क्रय लागत में कमी का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने आवश्यक आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले से प्रदेशभर के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को अक्टूबर के बिल में राहत मिलने की उम्मीद है।

एफपीपीएएस दर (-)5.24 प्रतिशत निर्धारित

UP News

यूपीपीसीएल के निदेशक वाणिज्य प्रशांत वर्मा के अनुसार अक्टूबर माह के लिए ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) की दर (-)5.24 प्रतिशत निर्धारित की गई है। ऋणात्मक एफपीपीएएस का मतलब है कि बिजली खरीद और ईंधन की लागत में आई कमी का लाभ उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित किया जाएगा। यानी अक्टूबर में जारी होने वाले बिजली बिलों में निर्धारित दर के अनुसार राहत दिखाई देगी। यह समायोजन बिजली उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई लागत का अतिरिक्त भार डालने के बजाय लागत घटने का फायदा उन्हें देने की व्यवस्था का हिस्सा है।

बिजली उपभोक्ताओं को करीब 424 करोड़ रुपये का लाभ

इस फैसले से उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को करीब 424 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है। बिजली खरीद की लागत में अनुकूल बदलाव का सीधा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए एफपीपीएएस व्यवस्था के तहत बिलों में समायोजन किया जाता है। अक्टूबर में 5.24 प्रतिशत की राहत इसी प्रक्रिया के तहत दी जा रही है। इससे घरेलू, वाणिज्यिक और अन्य श्रेणियों के पात्र उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर निर्धारित नियमों के अनुसार राहत का असर दिखाई देगा।

लगातार चौथे महीने बिजली बिल में राहत

एफपीपीएएस के जरिए बिजली उपभोक्ताओं को यह लगातार चौथे महीने राहत मिलने जा रही है। इससे पहले जुलाई में 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत और सितंबर में 7.93 प्रतिशत की राहत दी गई थी। अक्टूबर में अब 5.24 प्रतिशत की राहत तय की गई है। लगातार चार महीनों तक एफपीपीएएस के माध्यम से राहत मिलने से बिजली उपभोक्ताओं के बिलों पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

बिजली खरीद लागत घटने का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक

UP News

यूपीपीसीएल का कहना है कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाया जा रहा है। विद्युत क्रय लागत में होने वाले बदलाव का लाभ निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। एफपीपीएएस व्यवस्था में बिजली और ईंधन की खरीद लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव का समयबद्ध हिसाब बिजली बिल में किया जाता है। जब लागत बढ़ती है तो उसका समायोजन किया जाता है और जब लागत में कमी आती है तो उसका लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाता है।

एफपीपीएएस से लागत में बदलाव का समयबद्ध समायोजन

एफपीपीएएस बिजली खरीद और ईंधन लागत में होने वाले बदलाव को बिलों में समायोजित करने की व्यवस्था है। अक्टूबर के लिए इसकी दर ऋणात्मक निर्धारित होने के कारण उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है। यूपीपीसीएल के मुताबिक, विद्युत क्रय लागत में कमी का लाभ रोकने के बजाय उसे नियमानुसार बिजली बिलों में समायोजित किया जा रहा है। ऐसे में अक्टूबर महीने में उपभोक्ताओं को मिलने वाली 5.24 प्रतिशत बिजली बिल राहत को सरकार की उपभोक्ता-केंद्रित नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।