UP Election 2027: आजमगढ़ में ओवैसी का सपा-BJP पर हमला, चुनाव आयोग का नाम बदलने की दी सलाह

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। इसी बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आजमगढ़ के अमौड़ा मोहिउद्दीनपुर में चुनावी रैली कर यूपी की राजनीति में अपनी पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के संकेत दिए। रविवार को हुई इस सभा में ओवैसी के निशाने पर समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस रहीं। उन्होंने अलग-अलग मुद्दों पर तीनों दलों को घेरते हुए कहा कि उनकी पार्टी का मकसद सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि आम लोगों को राजनीति में आगे बढ़ने का मौका देना है। चुनाव आयोग पर ओवैसी का

UP Election 2027

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 12, 2026

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। इसी बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आजमगढ़ के अमौड़ा मोहिउद्दीनपुर में चुनावी रैली कर यूपी की राजनीति में अपनी पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के संकेत दिए। रविवार को हुई इस सभा में ओवैसी के निशाने पर समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस रहीं। उन्होंने अलग-अलग मुद्दों पर तीनों दलों को घेरते हुए कहा कि उनकी पार्टी का मकसद सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि आम लोगों को राजनीति में आगे बढ़ने का मौका देना है।

चुनाव आयोग पर ओवैसी का तंज

चुनाव आयोग पर ओवैसी का तंज

बताते चले कि, चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि जिस तरह जेवर एयरपोर्ट का नाम बदला गया, उसी तरह चुनाव आयोग का नाम भी बदलकर ‘प्रधानमंत्री जिताओ कमीशन’ कर देना चाहिए। उनके इस बयान ने चुनावी रैली में सियासी माहौल गरमा दिया। ओवैसी ने चुनावी प्रक्रिया और आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए और अपने समर्थकों के सामने इस मुद्दे को उठाया।

योगी सरकार के विकास कार्यों पर ओवैसी ने उठाए सवाल

आपको बता दे कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए AIMIM प्रमुख ने एयरपोर्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 में 108 करोड़ रुपये की लागत से बना एक एयरपोर्ट आठ महीने में बंद हो गया। इसके साथ ही उन्होंने करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से विश्वविद्यालय बनाए जाने का जिक्र करते हुए छात्रवृत्ति नहीं मिलने का आरोप लगाया। ओवैसी ने इन मुद्दों के जरिए सरकार के विकास संबंधी दावों पर सवाल खड़े किए। हालांकि, रैली में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

मतदाता सूची में नाम जांचने की अपील

मतदाता सूची में नाम जांचने की अपील

ओवैसी ने सभा में मौजूद लोगों से कहा कि अगर उन्हें राजनीति में आगे बढ़ना है और अपना नेतृत्व खड़ा करना है, तो सबसे पहले मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचें। जिन लोगों का नाम सूची में नहीं है, वे फार्म-6 भरकर मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि AIMIM लोगों को नेतृत्व का अवसर देना चाहती है। उनका जोर इस बात पर रहा कि लोकतंत्र में भागीदारी के लिए मतदाता सूची में नाम होना बेहद जरूरी है।

अखिलेश यादव पर ओवैसी का हमला

सपा पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने सवाल किया कि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान शिब्ली कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में सपा के दो सांसद, दस विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और चेयरमैन होने के बावजूद जिले को विकास के मामले में पीछे बताया जा रहा है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव मुसलमानों से वोट तो लेते हैं, लेकिन उनके हक और अधिकारों की बात आने पर मजबूती से आवाज नहीं उठाते। उन्होंने सपा की राजनीति पर सवाल खड़े करते हुए मुस्लिम मतदाताओं से अपनी राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व को लेकर सोचने की अपील की।

योगी-अखिलेश को ओवैसी की चुनौती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने की चर्चा पर भी ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि योगी संभल से और अखिलेश गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। इस बयान के जरिए उन्होंने दोनों नेताओं को सीधे निशाने पर लिया और यूपी की सियासत में अपनी पार्टी की मौजूदगी का संदेश देने की कोशिश की।

योगी-अखिलेश को ओवैसी की चुनौती

सभा में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली, प्रदेश सचिव अंसार खान, जिलाध्यक्ष नदीम आरिफ, पूर्वांचल सचिव शेख शहनाज, अदील एलवी, इसरार अहमद, इमरान मंटू और सोफियान समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कमर कमाल ने किया।

पूर्वांचल में AIMIM की सक्रियता बढ़ी

उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 को देखते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पूर्वांचल में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले वह श्रावस्ती और बहराइच जैसे जिलों में भी जनसभाएं कर चुके हैं। इन दौरों के जरिए पार्टी खासतौर पर मुस्लिम मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटी है।

आजमगढ़ की रैली भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। ओवैसी लगातार सपा, भाजपा और कांग्रेस को निशाने पर लेकर अपनी पार्टी के लिए अलग राजनीतिक जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि उनकी यह रणनीति 2027 के विधानसभा चुनाव में कितना असर डालती है और पूर्वांचल में AIMIM को कितना जनसमर्थन मिलता है।