UP Diwas 2026: उत्तर प्रदेश दिवस 2026 का आयोजन 24 से 26 जनवरी तक राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर किया जाएगा। इस तीन दिवसीय समारोह में राज्य की विभिन्न एजेंसियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों का आयोजन होगा। यह आयोजन न केवल राज्य की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करेगा बल्कि उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर और सामाजिक विरासत को भी उजागर करेगा।
UP Diwas 2026: 24 से 26 जनवरी तक होंगे भव्य आयोजन, अमित शाह रहेंगे मुख्य अतिथि
150 फीट ऊंची ‘वंदे मातरम’ पेंटिंग

इस समारोह की सबसे बड़ी आकर्षण होगी 150 फीट ऊंची पेंटिंग, जिस पर ‘वंदे मातरम’ का पूरा पाठ अंकित किया जाएगा। इसे उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी और उसके क्षेत्रीय केंद्र के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। अकादमी के अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि इस पेंटिंग को काशी, प्रयागराज, मथुरा, आगरा और लखनऊ के कलाकारों द्वारा बनाया जा रहा है। यह पेंटिंग समारोह की शान बनेगी और देशभक्ति का अद्भुत संदेश देगी।
‘कला में कृष्ण’ प्रदर्शनी
लखनऊ स्थित राजकीय संग्रहालय में ‘कला में कृष्ण’ शीर्षक से एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें लगभग 60 कलाकृतियां प्रदर्शित होंगी, जिनमें 55 चित्र और चार मूर्तियां शामिल हैं। इन कलाकृतियों में भगवान कृष्ण के जीवन, शिक्षाओं, परिवार, राधा के प्रति उनके प्रेम और विष्णु के दस अवतारों को दर्शाया जाएगा। संग्रहालय के निदेशक विनय सिंह ने बताया कि ये चित्र कांगड़ा, गढ़वाल, जयपुर और मुगल शैली में बनाए गए हैं, जो भारतीय कला की विविधता को दर्शाते हैं।
पुरातत्व निदेशालय की प्रदर्शनी
उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय (UPSAD) राज्य के संरक्षित स्मारकों की तस्वीरों की प्रदर्शनी आयोजित करेगा। निदेशक रेणु द्विवेदी ने बताया कि इस प्रदर्शनी में ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी शो भी शामिल होंगे। इसके अलावा, संरक्षित स्मारकों पर आधारित छोटी फिल्में भी दिखाई जाएंगी, जिससे दर्शक राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अनुभव कर सकेंगे।
संगीत और नृत्य प्रस्तुतियां
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी समारोह में राज्य के विभिन्न घरानों का प्रतिनिधित्व करने वाली संगीत प्रस्तुतियां देगी। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र कथक और भरतनाट्यम जैसे शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगे। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मंदावी सिंह ने बताया कि इन प्रस्तुतियों का उद्देश्य राज्य की समृद्ध नृत्य और संगीत परंपरा को प्रदर्शित करना है।
भारतेन्दु नाट्य अकादमी का नाटक
भारतेन्दु नाट्य अकादमी (BNA) के छात्र इस अवसर पर एक ऐतिहासिक नाटक का मंचन करेंगे। बीएनए के निदेशक बिपिन कुमार ने बताया कि यह नाटक दर्शकों को राज्य के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।
राज्य अभिलेखागार की प्रदर्शनी
उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार (UPSA) भी एक प्रदर्शनी आयोजित करेगा, जिसमें राज्य के गठन से जुड़े सार्वजनिक अभिलेख और दस्तावेज प्रदर्शित होंगे। इसमें यह दिखाया जाएगा कि वर्षों में राज्य का नाम कैसे बदला और 1950 में इसे अंतिम रूप दिया गया।
सरदार पटेल की जयंती पर विशेष प्रदर्शनी
UPSA के निदेशक अमित अग्निहोत्री ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनके जीवन पर आधारित चित्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे। यह प्रदर्शनी स्वतंत्र भारत के निर्माण में उनके योगदान को याद करने का अवसर प्रदान करेगी।










