
UP Cabinet Decisions: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, पशुपालन को मजबूत करने और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर खास जोर दिया गया। इसके अलावा, कंपनियों के विलय यानी मर्जर और विभाजन यानी डी-मर्जर से जुड़े स्टांप ड्यूटी के नियमों को स्पष्ट करने का प्रस्ताव भी सामने आया। सरकार का मानना है कि इन कदमों से पशुपालकों को मदद मिलेगी और कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी आसानी होगी।
UP में पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय
कैबिनेट बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन के मामले में देश में पहले स्थान पर है। अंडा, ऊन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत है। हालांकि, इन क्षेत्रों में पशु उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, डिजिटल व्यवस्था मजबूत करने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की जरूरत है।

इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार पशुपालन को किसानों की आमदनी बढ़ाने का बड़ा जरिया बनाना चाहती है। इसके लिए स्टेट लैब स्टार्ट मिशन के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत रोजगार बढ़ाने, नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने, पशुओं की उत्पादकता सुधारने और पशु उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा।
गाय की नस्ल सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर
सरकार की योजना में उन्नत नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने और गायों की नस्ल सुधारने की बात कही गई है। इसके साथ ही दूध उत्पादन बढ़ाकर प्रति गाय प्रतिदिन 10 लीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुर्गी पालन और बकरी पालन को भी प्रोत्साहित करने के लिए सहायता देने का प्रस्ताव है।इस पहल का मकसद पशुपालन को ज्यादा लाभकारी बनाना है, ताकि किसान खेती के साथ पशुपालन से भी कमाई कर सकें। बेहतर नस्ल, आधुनिक तकनीक और बाजार तक आसान पहुंच मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की उम्मीद है।

पशु बीमा में 85 फीसदी राशि देगी सरकार, गाय पर 50 हजार का अनुदान

कैबिनेट में रखे गए प्रस्ताव के मुताबिक, पशुओं के बीमा की कुल लागत का 85 फीसदी हिस्सा सरकार और बाकी 15 फीसदी हिस्सा किसान वहन करेंगे। इसके अलावा, योजना के तहत एक गाय पर 50 हजार रुपये का अनुदान देने का प्रावधान बताया गया है।इस व्यवस्था से पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम करने और पशुओं की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य शर्तों की जानकारी संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगी।
UP में कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर पर स्टांप ड्यूटी का नया नियम
कैबिनेट बैठक में कंपनियों के विलय और विभाजन से जुड़ी स्टांप ड्यूटी की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल के मुताबिक, प्रदेश में अब तक इन प्रक्रियाओं के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं होने से उद्यमियों को परेशानी होती थी।प्रस्ताव के तहत कंपनियों के मर्जर या डी-मर्जर में शेयर वैल्यू पर 0.50 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगाने की बात कही गई है। यदि संबंधित मामले में संपत्ति शामिल होती है, तो उस पर दो फीसदी स्टांप ड्यूटी का प्रस्ताव है। कंपनी के पंजीकरण और कंपनी रजिस्ट्रार यानी आरओसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेयर वैल्यू के आधार पर ड्यूटी का भुगतान करना होगा।
सर्किल रेट को लेकर भ्रम होगा दूर, केंद्र की मंजूरी जरूरी
स्टांप मंत्री ने बताया कि स्पष्ट नियम नहीं होने के कारण कुछ मामलों में सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी की मांग की जाती थी। इससे कंपनियों के विलय के दौरान उद्यमियों को आर्थिक और प्रक्रियागत दिक्कतें आती थीं। नए प्रस्ताव से ऐसी प्रक्रियाओं में स्पष्टता आने की उम्मीद है।मंत्री के मुताबिक, गुजरात और महाराष्ट्र में इस तरह के प्रावधान मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू करने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ही इसे लागू करने की आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
कुल मिलाकर, योगी सरकार की इस कैबिनेट बैठक में पशुपालकों की आय बढ़ाने और कारोबार से जुड़े नियमों को स्पष्ट करने पर जोर दिया गया। अब इन प्रस्तावों के लागू होने की प्रक्रिया और पात्र लाभार्थियों के लिए जारी होने वाले दिशा-निर्देशों पर नजर रहेगी।











