UP BJP Team: चुनाव से पहले बीजेपी ने घोषित की नई क्षेत्रीय टीम, छह क्षेत्रों में इन नेताओं को मिली कमान

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। छह क्षेत्रों की जिम्मेदारी नए प्रभारियों को सौंप दी गई है। लेकिन इन नियुक्तियों के पीछे पार्टी की असली चुनावी रणनीति क्या है और किन इलाकों पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा?

UP BJP Team

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 3, 2026

UP BJP Team: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पार्टी ने प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों के लिए नई क्षेत्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई सूची में कई नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है।

यूपी बीजेपी के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में हुआ गठन

उत्तर प्रदेश में बीजेपी का संगठन छह प्रमुख क्षेत्रों में बंटा हुआ है। इनमें अवध, काशी, पश्चिम, ब्रज, गोरखपुर और कानपुर क्षेत्र शामिल हैं। पार्टी की नई क्षेत्रीय टीम में उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री और सदस्यों की नियुक्तियां की गई हैं। इन नियुक्तियों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की कोशिश की गई है।

कानपुर क्षेत्र में आदित्य त्रिवेदी को मिली बड़ी जिम्मेदारी

बीजेपी ने कानपुर क्षेत्र में आदित्य त्रिवेदी को क्षेत्रीय महामंत्री नियुक्त किया है। आदित्य त्रिवेदी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का सहयोगी बताया जाता है। वहीं अवध क्षेत्र में विकास श्रीवास्तव को क्षेत्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा राहुल रस्तोगी को अवध क्षेत्र का क्षेत्रीय महामंत्री बनाया गया है। इन नियुक्तियों को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के तौर पर देखा जा रहा है।

कई नेताओं को बनाया गया क्षेत्रीय उपाध्यक्ष

नई सूची के मुताबिक पश्चिम क्षेत्र में अंकुर राणा को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके अलावा नीरज वर्मा, राजकिशोर मौर्य, नितिन मित्तल, पी.के. वर्मा, ठाकुर प्रसाद गंगवार, अवधेश पाण्डेय बादल, मनीष शुक्ला, रेशु भाटिया, दिनेश सिंह और अनूप बाजपेयी को भी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए इन नेताओं पर भरोसा जताया है।

दूसरे चरण में भी कई नेताओं को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी

बीजेपी की ओर से जारी सूची में नरेंद्र राजपूत, भुवन प्रकाश गुप्ता, अशोक राजपूत, नीतू सिंह, पवन प्रताप सिंह, अखिलेश नाथ दीक्षित, आशीष कोल, अर्चना त्रिपाठी, अमित समाधिया और अरविंद मुखिया को भी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के साथ पार्टी ने क्षेत्रीय स्तर पर नेतृत्व का विस्तार किया है।

आठ नेताओं को बनाया गया क्षेत्रीय महामंत्री

पार्टी ने राजीव मिश्रा, राहुल राज रस्तोगी, डॉ. विमल सिंह, अवधेश कटियार, आनंद सिंह, आदित्य त्रिवेदी, शिवसिंह भारती और राजेश पटेल को क्षेत्रीय महामंत्री बनाया है। क्षेत्रीय महामंत्री संगठन के कार्यक्रमों, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और पार्टी की रणनीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्षेत्रीय मंत्रियों की भी लंबी सूची जारी

बीजेपी ने क्षेत्रीय मंत्री के पद पर भी कई नेताओं की नियुक्ति की है। इनमें विकास सिंह, महेंद्र लोधी, काशीराम रावत, अंकित सिंह चंदेल, गौरव भाटिया, विकास श्रीवास्तव ‘बाबा’, पूजा मिश्रा, राम कुमार वर्मा, विजय कुमार भुर्जी, अंजली मौर्य, वीरेंद्र तिवारी, प्रशांत राव चौबे, मनीष तिवारी, सरदार मनजीत सिंह, शिवेंद्र सिंह शैली, रमेश कुशवाहा, आनंद पटेल, विनोद कुशवाहा, रीता कठेरिया और धीरेन्द्र वर्मा शामिल हैं।

नौ नेताओं को बनाया गया क्षेत्रीय सदस्य

संगठनात्मक टीम में रामदेव पाल, शंकर दयाल पाण्डेय, रामकिशोर राजभर, जसवंत लाल सोनकर, जगदीश पासवान, देवेंद्र सिंह, सरदार मनदीप सिंह वालिया, अच्छेलाल निषाद और अनीता श्रीवास्तव को क्षेत्रीय सदस्य नियुक्त किया गया है। इन नेताओं की भूमिका भी पार्टी के क्षेत्रीय संगठन को सक्रिय रखने में महत्वपूर्ण होगी।

चुनावी तैयारियों को धार देने की कोशिश

बीजेपी की नई क्षेत्रीय टीम के गठन को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी पहले से ही संगठन को बूथ और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में नई नियुक्तियों के जरिए स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की गई है।

नई टीम के सामने संगठन मजबूत करने की चुनौती

नई जिम्मेदारी संभालने वाले नेताओं के सामने पार्टी की चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती होगी। उन्हें कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने, संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने और अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी के जनाधार को मजबूत करने पर काम करना होगा। विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का यह संगठनात्मक कदम यूपी की सियासत में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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