
UP News: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को संगठन को मजबूत करने के लिए महिला मोर्चा, किसान मोर्चा और अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा के जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों को संगठन में जगह देने की कोशिश की है। खास बात यह है कि एसटी मोर्चा में गोंड समाज को सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला है, जबकि किसान मोर्चा में भी अलग-अलग जातियों को शामिल कर क्षेत्रीय संतुलन साधने पर जोर दिया गया है।
भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्षों की सूची जारी

बताते चले कि, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अनुमति के बाद जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की। पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्रों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी का मकसद महिला संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करना और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना है।
पश्चिम और ब्रज क्षेत्र में किन महिलाओं को मिली जिम्मेदारी?
आपको बता दे कि, पश्चिम क्षेत्र में रामपुर की जिम्मेदारी शकुंतला लोधी को दी गई है। सुनीता सैनी को मुरादाबाद महानगर, सिम्पल चौहान को मुरादाबाद जिला, पूनम राणा को शामली, कमलेश सैनी को अमरोहा, गार्गी अग्रवाल को बिजनौर और उषा उपाध्याय को सहारनपुर जिले का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं विमल चौहान को मुजफ्फरनगर, आरती मिश्रा को गाजियाबाद जिला, संगीता तिवारी को गौतमबुद्धनगर और मीनाक्षी सिसोदिया को बागपत की जिम्मेदारी मिली है।
ब्रज क्षेत्र में अपूर्वा जादोन को आगरा महानगर, मनीषा सिंह को आगरा जिला और प्रतिमा सिंह को मथुरा जिला अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस, मैनपुरी, कासगंज, बरेली, आंवला, शाहजहांपुर और बदायूं में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।
कानपुर, अवध और काशी क्षेत्र में भी महिला मोर्चा को नई टीम
कानपुर क्षेत्र में श्वेता सिंह को कानपुर ग्रामीण, डॉ. दीपिका सिंह सेंगर को कानपुर देहात, नीतू नारायण मिश्रा को इटावा और डॉ. प्राची गुप्ता को कन्नौज की जिम्मेदारी मिली है। प्रतिमा अवस्थी को औरैया, संध्या तिवारी को महोबा, अर्चना सिंह को चित्रकूट और रुचिका बुंदेला को ललितपुर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। अवध क्षेत्र में अर्चना साहू को लखनऊ महानगर और सुनीता पांडेय को लखनऊ जिला अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा लखीमपुर, हरदोई, बाराबंकी, गोंडा, अयोध्या और उन्नाव में भी महिला मोर्चा की नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

काशी क्षेत्र में प्रज्ञा पांडेय को वाराणसी महानगर और किरण मिश्रा को वाराणसी जिला अध्यक्ष बनाया गया है। गाजीपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, प्रयागराज, चंदौली, कौशांबी और सोनभद्र में भी नई नियुक्तियां की गई हैं। गोरखपुर क्षेत्र में प्रीति शाही को गोरखपुर महानगर और डॉ. पूजा सिंह कौशिक को गोरखपुर जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही बस्ती, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, बलिया और मऊ में भी महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष घोषित किए गए हैं।
भाजपा एसटी मोर्चा में गोंड समाज को सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व
अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विद्या भूषण गोंड ने भी जिलाध्यक्षों की सूची जारी की। उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजातियों की आबादी और मौजूदगी कुछ क्षेत्रों में ज्यादा है। इसी वजह से एसटी मोर्चा के अध्यक्ष मुख्य रूप से काशी, गोरखपुर और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में घोषित किए गए हैं।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में अनूप चौधरी को कानपुर उत्तर, धर्मवीर सिंह को कानपुर दक्षिण और महेंद्र कुमार को कानपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी मिली है। सुमित गिहार को कानपुर देहात, उपेंद्र कुमार को औरैया, बृजेश गिहार को इटावा और जसवंत गिहार को फतेहपुर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। झांसी, ललितपुर, बांदा, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर और जालौन में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।
काशी और गोरखपुर क्षेत्र में एसटी मोर्चा की नई टीम
काशी क्षेत्र में मनोज गोंड को वाराणसी महानगर और विजय गोंड को वाराणसी जिला अध्यक्ष बनाया गया है। चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, जौनपुर, मछलीशहर, सुल्तानपुर, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में भी एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष घोषित किए गए हैं।
गोरखपुर क्षेत्र में विनोद कुमार गोंड को गोरखपुर महानगर और धर्मराज गोंड को गोरखपुर जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, लालगंज, मऊ और बलिया में भी नई टीम बनाई गई है। सूची में गोंड समाज के नेताओं की संख्या अधिक है, जबकि गिहार, कोल, खरवार, सहारिया और नट समाज को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
किसान मोर्चा में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश
भाजपा किसान मोर्चा में भी अलग-अलग जातियों और क्षेत्रों के नेताओं को जिम्मेदारी देकर संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। इसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, जाट, गुर्जर, यादव, त्यागी, लोध और पाल समेत कई समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी की रणनीति संगठन के जरिए किसानों और ग्रामीण इलाकों तक अपनी पहुंच मजबूत करने की है।

कुल मिलाकर, भाजपा की इन नियुक्तियों में संगठन के विस्तार के साथ सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर जोर दिखाई देता है। अब नई टीमों के सामने अपने-अपने जिलों में संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने की चुनौती होगी।











