UP News: यूपी में अब ‘पूजा घी’ नहीं बिकेगा! पैकेट पर घी लिखने पर भी रोक

UP News: उत्तर प्रदेश में पूजा, हवन और दीपक जलाने के लिए बनाए जाने वाले अखाद्य वसा उत्पादों को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब इन उत्पादों को ‘पूजा घी’ के नाम से बनाने, स्टोर करने और बेचने पर रोक लगा दी गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) आयुक्त ने प्रदेश के सभी खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण धारकों के लिए तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी किए हैं। आपको बताते चले कि, विभाग का साफ कहना है कि पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाले अखाद्य उत्पादों को इस तरह नहीं बेचा जा सकता, जिससे लोग उन्हें

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 11, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश में पूजा, हवन और दीपक जलाने के लिए बनाए जाने वाले अखाद्य वसा उत्पादों को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब इन उत्पादों को ‘पूजा घी’ के नाम से बनाने, स्टोर करने और बेचने पर रोक लगा दी गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) आयुक्त ने प्रदेश के सभी खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण धारकों के लिए तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी किए हैं।

आपको बताते चले कि, विभाग का साफ कहना है कि पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाले अखाद्य उत्पादों को इस तरह नहीं बेचा जा सकता, जिससे लोग उन्हें खाने वाला असली घी समझ बैठें। अगर कोई कारोबारी नियमों को नजरअंदाज करता है, तो उसका माल जब्त किया जा सकता है। साथ ही, संबंधित निर्माण इकाई का लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है।

पूजा घी पर प्रतिबंध क्यों लगा?

बताते चले कि, एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के मुताबिक, कुछ इकाइयां वनस्पति, रिफाइंड तेल, एसेन्स, पैराफिन, मिनरल ऑयल और दूसरे रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल करके पूजा, हवन और दीपक के लिए उत्पाद तैयार कर रही हैं। ये उत्पाद खाने के लिए नहीं बनाए जाते, लेकिन इनका रंग, गंध, रूप और पैकेजिंग बाजार में मिलने वाले खाद्य घी जैसी हो सकती है।

पूजा घी पर प्रतिबंध क्यों लगा?

यही वजह है कि लोगों के मन में भ्रम पैदा होने का खतरा बना रहता है। कोई व्यक्ति पैकेट देखकर इसे असली घी समझ सकता है और अनजाने में खाने में इस्तेमाल कर सकता है। विभाग का मानना है कि इस तरह की स्थिति से खाद्य पदार्थों में मिलावट, गलत लेबलिंग और अखाद्य उत्पादों के खाद्य बाजार तक पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। इसी परेशानी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

पैकेट पर ‘घी’ लिखने की मनाही

नए निर्देशों के मुताबिक, पूजा या हवन के लिए तैयार किए जाने वाले अखाद्य उत्पादों के पैकेट पर ‘घी’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इन्हें ‘पूजा के लिए घी’ बताकर प्रचारित करने पर भी रोक रहेगी। खाद्य सुरक्षा नियमों में खाने वाले घी के लिए अलग मानक तय हैं, इसलिए गैर-खाद्य उत्पादों को उसी नाम से बेचना उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है।

इसके अलावा, ऐसे उत्पादों की पैकेजिंग पर निर्धारित पहचान चिह्न लगाना जरूरी होगा। पूजा में इस्तेमाल होने वाले अखाद्य वसा उत्पादों के खुदरा पैकेट पर एक वर्ग के भीतर काले रंग का क्रॉस तय आकार में अंकित करना होगा। इससे ग्राहक खाद्य और अखाद्य उत्पादों के बीच अंतर पहचान सकेंगे।

खाद्य घी और पूजा के उत्पादों की ब्रांडिंग भी होगी अलग

खाद्य घी और पूजा के उत्पादों की ब्रांडिंग भी होगी अलग

खाद्य घी और पूजा-पाठ के लिए बनाए जाने वाले अखाद्य वसा उत्पादों को एक ही ब्रांड नाम के तहत पेश करने पर भी रोक लगाई गई है। यानी कंपनियां दोनों तरह के उत्पादों की ऐसी साझा ब्रांडिंग नहीं कर सकेंगी, जिससे ग्राहक भ्रमित हों।

नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस भी हो सकता है निलंबित

खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देशों का पालन करना सभी संबंधित कारोबारियों के लिए जरूरी होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसमें स्टॉक जब्त करना और निर्माण इकाई का लाइसेंस निलंबित करना शामिल है। विभाग का मकसद साफ है—पूजा में इस्तेमाल होने वाले अखाद्य उत्पादों को खाने वाले घी से अलग रखना और लोगों को गलतफहमी से बचाना।