Agra News: गद्दारी की हद! कोच्चि नेवल कमांड का जवान निकला पाकिस्तानी जासूस, UP ATS ने दबोचा

उत्तर प्रदेश एटीएस (UP ATS) ने आगरा के एक गांव से भारतीय नौसेना के जवान आदर्श कुमार को गिरफ्तार किया है। कोच्चि नेवल कमांड में तैनात यह जवान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था। आरोप है कि उसने पैसों के बदले युद्धपोतों और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की गोपनीय तस्वीरें पाकिस्तान भेजीं। शादी के तुरंत बाद हुई इस गिरफ्तारी ने सबको चौंका दिया है।

Agra News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 11, 2026

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Agra News: भारतीय सीमाओं की रक्षा का संकल्प लेने वाला जब खुद सुरक्षा में सेंध लगाने लगे, तो यह पूरे तंत्र के लिए खतरे की घंटी है। उत्तर प्रदेश पुलिस की आतंकवाद निरोधक इकाई (UP-ATS) ने आगरा के एक गांव से भारतीय नौसेना के जवान आदर्श कुमार उर्फ लकी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए जासूसी कर रहा था और देश की रणनीतिक संपत्तियों की जानकारी दुश्मन देश को बेच रहा था।

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हनीमून से लौटते ही शिकंजे में ‘गद्दार’ जवान

बताते चले कि, आरोपी आदर्श कुमार आगरा के कागारौल क्षेत्र के चीत गांव का निवासी है। वह पिछले सात वर्षों से नौसेना में सेवा दे रहा था और वर्तमान में केरल के कोच्चि स्थित दक्षिणी नेवल कमांड में लांस नायक के पद पर कार्यरत था। हैरानी की बात यह है कि पिछले महीने फरवरी में उसकी शादी हुई थी और वह पत्नी के साथ दुबई में हनीमून मनाकर लौटा था। गांव वापसी के महज दो दिन बाद ही, 10 मार्च 2026 को एटीएस ने उसे धर दबोचा और कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया।

रणनीतिक संपत्तियों की जासूसी

सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से सैन्य ठिकानों से सूचनाएं लीक होने के इनपुट्स मिल रहे थे। एटीएस की जांच में सामने आया कि आदर्श ने कोच्चि नेवल कमांड की संवेदनशीलता का फायदा उठाकर वहां मौजूद युद्धपोतों और सैन्य प्रतिष्ठानों की फोटो और वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों को साझा किए। डिजिटल फॉरेंसिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस राष्ट्रविरोधी कृत्य के बदले उसे मोटी रकम का भुगतान किया गया था।

पैसों के लिए देश की सुरक्षा से समझौता

आदर्श का परिवार गांव में प्रतिष्ठित था; उसके पिता बलवीर सिंह शराब के ठेकेदार हैं। तीन बहनों का इकलौता भाई जब सात साल पहले नौसेना में भर्ती हुआ, तो पूरे गांव ने गर्व किया था। लेकिन लालच ने उसे ‘रक्षक से भक्षक’ बना दिया। एटीएस के पास उसके खिलाफ पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं, जो साबित करते हैं कि वह पाकिस्तानी नेटवर्क के साथ मिलकर सक्रिय रूप से देश विरोधी साजिशों में संलिप्त था।

बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश

इस गिरफ्तारी के बाद एटीएस अब उस ‘हनी ट्रैप’ या ‘मनी ट्रेल’ के जाल को खंगाल रही है, जिसमें आदर्श फंसा था। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि इस जासूसी रैकेट (Spying Racket) में नौसेना या अन्य विभागों के कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। आरोपी के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की गहनता से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे अब तक कुल कितना फंड ट्रांसफर किया गया और उसके आका कौन थे।

ISI की भारत विरोधी साजिशें

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई लगातार भारतीय सुरक्षा बलों में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, आईएसआई न केवल जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग में शामिल है, बल्कि अब वह भारतीय सैन्य कर्मियों को निशाना बनाकर गोपनीय डेटा चुराने का प्रयास कर रही है। दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीति और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में अस्थिरता के बीच, भारतीय खुफिया एजेंसियां अब और भी अधिक सतर्क हो गई हैं।

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