UP News: पूर्व अग्निवीरों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, 4 विभागों में 20% आरक्षण; परीक्षा से भी मिलेगी राहत

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में अवसर देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से संबंधित नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले के तहत प्रदेश के चार प्रमुख विभागों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इससे सेना में अपनी सेवाएं दे चुके युवाओं को राज्य सरकार की नौकरियों में नियुक्ति पाने का बेहतर अवसर मिलेगा। पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में 20% आरक्षण

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 10, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में अवसर देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से संबंधित नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले के तहत प्रदेश के चार प्रमुख विभागों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इससे सेना में अपनी सेवाएं दे चुके युवाओं को राज्य सरकार की नौकरियों में नियुक्ति पाने का बेहतर अवसर मिलेगा।

पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में 20% आरक्षण

योगी सरकार के फैसले के मुताबिक, पूर्व अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश पुलिस, वन विभाग, कारागार विभाग और परिवहन विभाग की भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। खास बात यह है कि पूर्व अग्निवीरों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इससे अलग-अलग आरक्षित वर्गों से आने वाले सैन्य प्रशिक्षित युवाओं को सरकारी सेवाओं में अपनी जगह बनाने का अवसर मिलेगा।

पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में 20% आरक्षण

सरकार का मानना है कि सेना में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं के पास अनुशासन, कार्यक्षमता और जिम्मेदारी निभाने का अनुभव होता है। इस अनुभव का उपयोग प्रदेश की प्रशासनिक और अन्य सरकारी सेवाओं में भी किया जा सकेगा।

पूर्व अग्निवीरों को लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट

पूर्व अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षण की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है। नए प्रावधान के अनुसार, संबंधित भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। इस फैसले से उन युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने अग्निवीर योजना के तहत सेना में सेवा पूरी की है और अब प्रदेश में सरकारी नौकरी करना चाहते हैं।

हालांकि, यह छूट निर्धारित विभागों की संबंधित भर्ती नियमावली और लागू शर्तों के अनुरूप होगी। अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय संबंधित विभाग की ओर से जारी आधिकारिक भर्ती विज्ञापन और पात्रता संबंधी निर्देशों की जानकारी लेनी होगी।

आयु सीमा 25 से बढ़ाकर 28 वर्ष, तीन साल की छूट

योगी कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिकतम आयु सीमा में भी राहत देने का फैसला किया है। अब अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष के स्थान पर 28 वर्ष होगी। यानी पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में तीन वर्ष की अतिरिक्त आयु छूट मिलेगी। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के अनुसार, अग्निवीर योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से संबंधित नियमावली में संशोधन किया गया है। आयु सीमा में छूट मिलने से सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को अतिरिक्त समय मिलेगा।

उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल मैनपावर हब

उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल मैनपावर हब

कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों को राहत देने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास और रोजगार से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र (एसवीपीएसटीपीजेड) विकास योजना को स्वीकृति दी है। इस योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को कुशल श्रमबल की उपलब्धता के लिए देश और दुनिया के प्रमुख केंद्रों में शामिल करना है।इसके तहत प्रदेश को ‘अल्टीमेट सोर्सिंग हब ऑफ स्किल्ड मैनपावर’ और ‘ग्लोबल मैनपावर हब’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

सभी 75 जिलों में कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का एकीकृत तंत्र

नई कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों को शामिल करते हुए नौ जोन में एकीकृत व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण देने और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर रहेगा। योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं को देश के साथ-साथ विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के लिए भी तैयार करने का लक्ष्य है। इससे कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा देने और प्रदेश के युवाओं की रोजगार क्षमता मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर सरकार का जोर

योगी सरकार के दोनों फैसलों का केंद्र प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। एक ओर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण, आयु सीमा में छूट और भर्ती प्रक्रिया में राहत देने का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी ओर कौशल प्रशिक्षण योजना के जरिए युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने की पहल की गई है।

युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर सरकार का जोर

इन फैसलों का वास्तविक लाभ संबंधित नियमावली, भर्ती विज्ञापनों और कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। यदि योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो पूर्व अग्निवीरों और अन्य युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।