Russia Ukraine War : यूक्रेन ने क्रीमिया पर किया भीषण हमला, तेल ठिकानों को बनाया निशाना

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेनी सेना ने क्रीमिया प्रायद्वीप पर अब तक का सबसे भीषण और विनाशकारी हमला बोलते हुए मॉस्को के रणनीतिक तेल भंडारों और रिफाइनरियों को निशाना बनाया है; रात के अंधेरे में हुए इस ताबड़तोड़ ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद आसमान में उठे आग के शोलों ने पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं!

Russia Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 4, 2026

Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब बेहद विनाशकारी और घातक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार तड़के यूक्रेनी सेना ने एक बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए रूस के नियंत्रण वाले क्रीमिया प्रायद्वीप के दो सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक केंद्रों को अपना निशाना बनाया। क्रीमिया क्षेत्र के रूसी समर्थित गवर्नर सर्गेई अक्स्योनोव द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यूक्रेनी बलों ने मुख्य प्रशासनिक केंद्र सिम्फेरोपोल के एक गैर-आवासीय इलाके पर भारी गोलाबारी की। इस अचानक हुए हमले की चपेट में आने से कम से कम 3 नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

रूसी एयर डिफेंस की मुस्तैदी और ड्रोन मलबे से तबाही

सिम्फेरोपोल के साथ-साथ क्रीमिया के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर सेवास्तोपोल को भी यूक्रेन ने दहलाने की कोशिश की। रूसी सैन्य अधिकारियों और हवाई रक्षा (एयर डिफेंस) इकाइयों ने दावा किया है कि उन्होंने शहर की हवाई सीमा में प्रवेश कर रहे 20 से अधिक यूक्रेनी आत्मघाती ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। हालांकि, इस मोर्चे पर रूसी सेना की मुस्तैदी के कारण किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई खबर नहीं है, लेकिन आसमान से गिरे इन तबाहशुदा ड्रोनों के जलते हुए मलबे और टुकड़ों के कारण शहर की कई रिहायशी व प्रशासनिक इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

यूक्रेन की नई रणनीति

इस युद्ध में यूक्रेन ने अब अपनी सैन्य रणनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। अग्रिम मोर्चों पर सीधे टकराने के बजाय, यूक्रेनी सेना अब रूस की आर्थिक रीढ़ यानी उसके तेल उद्योग और रिफाइनरियों को सीधे निशाना बना रही है। इसी रणनीति के तहत बुधवार को यूक्रेन ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में स्थित एक विशाल तेल टर्मिनल पर भी भीषण ड्रोन हमला किया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस पर गर्व जताते हुए कहा कि ऐसे रणनीतिक हमलों के जरिए ही यूक्रेन इस लंबे खिंच रहे युद्ध को बराबरी के स्तर पर समाप्त करने में पूरी तरह सक्षम हो पाएगा। क्रीमिया के तेल डिपो पर हुए इन हमलों के कारण पूरे प्रायद्वीप में ईंधन (फ्यूल) की भारी किल्लत पैदा हो गई है, जिससे निपटने के लिए स्थानीय रूसी प्रशासन को आपातकालीन और विशेष उपाय लागू करने पड़ रहे हैं।

गोलाबारी और नागरिकों की मौत का सिलसिला

क्रीमिया के अलावा यूक्रेन के पूर्वी मोर्चे पर भी जमीनी स्थिति लगातार गंभीर और अनियंत्रित बनी हुई है। यूक्रेन के ‘किले’ माने जाने वाले मजबूत शहर क्रामाटोर्स्क में रूसी सेना द्वारा की गई भारी गोलाबारी में कम से कम 3 आम नागरिकों की मौत हो गई। इसके पास ही स्थित डनिप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में भी रूसी रॉकेट हमलों ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 8 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के सीमावर्ती प्रांत ब्रायंस्क पर ड्रोन दागे, जहां एक निर्माण स्थल पर काम कर रहे क्रेन ऑपरेटर की मौत हो गई। हाल के दिनों में राजधानी कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों पर हुए सिलसिलेवार रूसी हमलों में अब तक कुल 23 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।

वैश्विक कूटनीति में बदलाव

इस विनाशकारी युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) की मध्यस्थता में जो पर्दे के पीछे शांति वार्ता चल रही थी, वह फिलहाल पूरी तरह से ठप पड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शांति वार्ता के खटाई में पड़ने का सबसे मुख्य कारण यह है कि वाशिंगटन का पूरा ध्यान वर्तमान में मध्य-पूर्व में चल रहे गंभीर ईरान संकट पर केंद्रित हो चुका है। अमेरिका इस समय यूक्रेन से ध्यान हटाकर ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक समीकरणों को संभालने में व्यस्त है, जिसके कारण रूस-यूक्रेन विवाद को सुलझाने की कूटनीतिक कोशिशें हाशिए पर चली गई हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री की सीनेट को चेतावनी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीनेट की एक उच्च स्तरीय उपसमिति के समक्ष गवाही देते हुए आगाह किया है कि इस युद्ध के नियंत्रण से बाहर होने और वैश्विक स्तर पर फैलने का खतरा बहुत ‘वास्तविक’ और डरावना हो चुका है। उन्होंने गंभीर चेतावनी दी कि यह परमाणु और वैश्विक खतरा दो साल पहले की तुलना में आज कहीं अधिक बढ़ गया है। इस बीच, यूक्रेन के हमलों से बौखलाए रूस ने भी एक कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। मॉस्को ने साफ कहा है कि लुहांस्क और क्रीमिया क्षेत्र में यूक्रेन द्वारा किए गए इन नए हमलों के कड़े जवाब में रूसी वायुसेना अब बहुत जल्द राजधानी कीव और उसके महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर बड़े पैमाने पर ‘व्यवस्थित’ और विनाशकारी हवाई हमले शुरू करेगी।

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