Uday Bhanu Chib Arrest: भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली की एक अदालत ने चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। यह कार्रवाई 20 फरवरी, 2026 को ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान भारत मंडपम में हुए उग्र विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में की गई है। दिल्ली पुलिस ने चिब को इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड करार दिया है। अधिकारियों का दावा है कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य न केवल सरकारी कार्यों में बाधा डालना था, बल्कि दंगे जैसी स्थिति पैदा करना और देश विरोधी भावनाओं को भड़काना भी था।
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हरि सिंह चिब का पलटवार और बेटे के समर्थन में बयान
बताते चले कि, उदय भानु चिब के पिता, हरि सिंह चिब ने अपने बेटे की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की है। समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान उन्होंने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हर नागरिक को अपनी बात रखने और विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है। हरि सिंह ने स्पष्ट किया कि उदय केवल युवाओं और किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठा रहा था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यह उदय को चुप कराने की एक गहरी साजिश है, लेकिन वे इसमें सफल नहीं होंगे।
इंडिया-यूएस ट्रेड डील का विरोध
हरि सिंह चिब के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन भारत और अमेरिका के बीच होने वाली व्यापारिक संधि (India-US Trade Deal) के खिलाफ था। उनका तर्क है कि इस समझौते से देश के किसानों, लघु उद्योगों, टेक्सटाइल सेक्टर और युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बेटा इन वर्गों की लड़ाई लड़ रहा है और उन्हें उम्मीद है कि भगवान उसे इस संघर्ष को जारी रखने की शक्ति देंगे।
दिल्ली पुलिस के गंभीर आरोप और जांच का दायरा
पुलिस द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में उदय भानु चिब पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि चिब ने अपने साथियों—श्री कृष्ण हरि, कुंदन यादव, नरसिम्हा यादव और अजय कुमार यादव—के साथ मिलकर ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हमला किया और उन्हें उनके कार्य से रोका। जांच अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि पूछताछ के दौरान चिब सहयोग नहीं कर रहे हैं और न ही उन अन्य प्रदर्शनकारियों के नाम बता रहे हैं जो मौके से फरार हो गए थे। साथ ही, प्रदर्शन में इस्तेमाल की गई विशेष टी-शर्ट्स के स्रोत का भी खुलासा नहीं किया गया है।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, भारत मंडपम में हुए इस हंगामे की जांच अब दिल्ली पुलिस की ‘क्राइम ब्रांच’ को सौंप दी गई है। पुलिस ने अदालत से कहा कि साजिश की तह तक जाने और अन्य फरार आरोपियों की पहचान करने के लिए चिब की हिरासत अनिवार्य है। फिलहाल, राजधानी में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता इस गिरफ्तारी के विरोध में लामबंद हो रहे हैं।









