ईरान के लिए ट्रंप का कड़ा संदेश: ‘डील करो, नहीं तो होगी बमबारी

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने दोहरे तेवर में नजर आए हैं. एक तरफ वे ईरान के साथ युद्ध खत्म होने पर व्हाइट हाउस में "पार्टी" करने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ खुली चेतावनी दे रहे हैं कि अगर तय समय तक समझौता नहीं हुआ, तो फिर से बमबारी शुरू हो सकती है।  एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि वह ईरान के साथ चल रहे सीजफायर को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं भी हो सकते. उन्होंने कहा, "शायद मैं इसे एक्सटेंड न करूं. अगर ऐसा

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Published On :

अप्रैल 18, 2026

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वाशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने दोहरे तेवर में नजर आए हैं. एक तरफ वे ईरान के साथ युद्ध खत्म होने पर व्हाइट हाउस में "पार्टी" करने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ खुली चेतावनी दे रहे हैं कि अगर तय समय तक समझौता नहीं हुआ, तो फिर से बमबारी शुरू हो सकती है। 

एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि वह ईरान के साथ चल रहे सीजफायर को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं भी हो सकते. उन्होंने कहा, "शायद मैं इसे एक्सटेंड न करूं. अगर ऐसा हुआ तो ब्लॉकेड जारी रहेगा और हमें फिर से बम गिराने पड़ सकते हैं। 

राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि 21 अप्रैल की डेडलाइन बेहद अहम है. अगर इस तारीख तक अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता नहीं होता, तो सीजफायर खत्म हो सकता है. इसका मतलब साफ है कि मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की तरफ बढ़ सकता है. हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि डील हो जाएगी. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह होने वाला है" लेकिन ईरान का कहना है कि उनकी बातों पर भरोसे कम है। 

होर्मुज के आसपास ब्लॉकेड रहेगा जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया कि चाहे सीजफायर बढ़े या नहीं, अमेरिका का ईरान पर लगाया गया नौसैनिक ब्लॉकेड जारी रहेगा. यह ब्लॉकेड ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि इससे उसके तेल निर्यात पर सीधा असर पड़ता है. यानी भले ही बातचीत जारी हो, लेकिन दबाव की राजनीति भी साथ-साथ चलती रहेगी। 

अमेरिका-ईरान में बातचीत की कोशिशें जारी
इस बीच खबर है कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि जल्द ही पाकिस्तान में एक नई बातचीत के दौर के लिए मिल सकते हैं. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्ष किसी समझौते तक पहुंचने की कोशिश में हैं. ईरानी सूत्रों की तरफ से खबरें चल रही हैं कि सोमवार को ये बातचीत इस्लामाबाद में होगी और रविवार शाम तक दोनों देशों के नेता पाकिस्तान पहुंचेंगे. पिछले दौर की बातचीत बिना नतीजे के खत्म हुई थी, ऐसे में इस बार का राउंड और भी अहम माना जा रहा है। 

ट्रंप का "डबल गेम"
ट्रंप की रणनीति को समझना मुश्किल नहीं है. एक तरफ वह बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ सैन्य दबाव बनाए रखते हैं.  फिलहाल हालात बेहद नाजुक हैं. 21 अप्रैल की डेडलाइन करीब है और पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो पाता है या नहीं। 

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