Trump Venezuela Warming : ट्रंप की वेनेजुएला को सीधी चेतावनी, तेल नीति बदलो वरना आर्थिक तबाही के लिए रहो तैयार

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम सरकार को हिला कर रख दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि वेनेजुएला को अपनी दशकों पुरानी तेल नीति तुरंत बदलनी होगी। अगर अमेरिकी कंपनियों को खुली छूट नहीं मिली, तो वेनेजुएला को ऐसे आर्थिक नर्क का सामना करना पड़ेगा जिसकी कल्पना भी नहीं की गई थी।

Trump Venezuela Warming

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 7, 2026

Trump Venezuela Warming : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की नई अंतरिम सरकार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अमेरिका चाहता है कि अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के नेतृत्व वाली सरकार चीन, रूस, ईरान और क्यूबा के साथ अपने आर्थिक संबंध पूरी तरह खत्म करे। इसके बदले ही वेनेजुएला को अपने तेल उत्पादन में बढ़ोतरी की अनुमति दी जाएगी। एबीसी न्यूज ने प्रशासन से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।

सिर्फ अमेरिका के साथ तेल साझेदारी का दबाव

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन चाहता है कि वेनेजुएला तेल उत्पादन के लिए केवल अमेरिका के साथ साझेदारी करे। इसके साथ ही, कच्चे तेल की बिक्री में भी अमेरिका को प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार अमेरिकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, बशर्ते देश अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करे।

राजनीतिक संकट से गुजरता वेनेजुएला

अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य अभियान के बाद से वेनेजुएला गंभीर राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया, जिसके बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में सत्ता संभाली। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया है कि वेनेजुएला पर वास्तविक नियंत्रण अब अमेरिका का है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

तेल उत्पादन बढ़ाने के बदले शर्तों की सूची

एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वेनेजुएला को अपने तेल भंडार से ज्यादा उत्पादन करने की इजाजत तभी मिलेगी, जब वह अमेरिकी शर्तों को मानेगा। सूत्रों का कहना है कि पहली शर्त चीन, रूस, ईरान और क्यूबा को देश से बाहर करना और सभी आर्थिक रिश्ते खत्म करना है। दूसरी शर्त यह है कि तेल उत्पादन और निर्यात में अमेरिका को एकमात्र रणनीतिक साझेदार माना जाए।

चीन के साथ रिश्ते तोड़ना सबसे बड़ी चुनौती

वेनेजुएला के लिए यह शर्तें मानना आसान नहीं है। चीन लंबे समय से वेनेजुएला का करीबी सहयोगी रहा है और उसका सबसे बड़ा तेल खरीदार भी है। ऐसे में बीजिंग के साथ रिश्ते तोड़ना वेनेजुएला की विदेश नीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

तेल भंडारण संकट और बंद होते कुएं

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नाकेबंदी के चलते वेनेजुएला को गंभीर तेल भंडारण संकट का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर के अंत में देश ने कई तेल कुओं को बंद करना शुरू कर दिया, क्योंकि उत्पादित तेल को रखने के लिए स्टोरेज की क्षमता खत्म हो चुकी थी। इससे उत्पादन और निर्यात दोनों पर नकारात्मक असर पड़ा है।

अमेरिकी आकलन और दबाव की रणनीति

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सांसदों को एक निजी ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका के पास वेनेजुएला पर दबाव बनाने के पर्याप्त साधन हैं। उनका मानना है कि भरे हुए तेल टैंकर और सीमित भंडारण क्षमता वेनेजुएला को अमेरिकी मांगें मानने के लिए मजबूर कर सकती हैं।

दिवालिया होने की कगार पर देश

सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन रोजर विकर ने भी पुष्टि की है कि अमेरिका की रणनीति वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण केंद्रित है। उनके अनुसार, इसके लिए अमेरिकी सैनिकों की तैनाती जरूरी नहीं होगी। अमेरिकी आकलन बताते हैं कि यदि वेनेजुएला अपने तेल भंडार को जल्द नहीं बेच पाया, तो कुछ ही हफ्तों में देश आर्थिक रूप से दिवालिया हो सकता है, जिससे डेल्सी रोड्रिग्ज की सत्ता भी खतरे में पड़ सकती है।

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