Trump on Ukraine War: पुतिन और जेलेंस्की की ‘पर्सनल नफरत’ बनी शांति में बाधा, ट्रंप का युद्ध रोकने वाला बड़ा संदेश

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस और व्हाइट हाउस से बड़ा संदेश देते हुए कहा कि पुतिन और जेलेंस्की के बीच "असामान्य नफरत" (Abnormal Hatred) शांति समझौते की राह में सबसे बड़ी रुकावट है। ट्रंप के कहने पर पुतिन कीव पर हमला रोकने को तैयार हुए, लेकिन क्या जेलेंस्की इस पर भरोसा करेंगे?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 31, 2026

Trump on Ukraine War:  वाशिंगटन डीसी में एक प्रेस वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्वीकार किया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मौजूद ‘गहरी नफरत’ शांति प्रयासों के मार्ग में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से रूबरू होते हुए ट्रंप ने कहा कि जब दो शीर्ष नेता एक-दूसरे के प्रति इतना द्वेष रखते हों, तो कूटनीतिक समाधान निकालना बेहद जटिल हो जाता है। हालांकि, इस तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद ट्रंप ने एक सकारात्मक संकेत भी दिया। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच चल रहे इस लंबे संघर्ष को खत्म करने की दिशा में ‘अच्छी प्रगति’ हो रही है और वे एक समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके हैं।

ट्रंप की मानवीय अपील: भीषण सर्दी के कारण पुतिन से रुकवाई बमबारी

इससे पहले हुई कैबिनेट मीटिंग में ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत का दावा किया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति पुतिन से संपर्क कर कीव और अन्य प्रमुख शहरों पर एक हफ्ते तक बमबारी रोकने की गुजारिश की थी। ट्रंप के अनुसार, पुतिन इस मानवीय अपील पर सहमत हो गए हैं। अपनी इस विनती के पीछे ट्रंप ने यूक्रेन और आसपास के इलाकों में पड़ रही ‘रिकॉर्ड तोड़ सर्दी’ का हवाला दिया। ट्रंप ने कहा, “वहां केवल ठंड नहीं, बल्कि असाधारण ठंड है। यह एक बड़ी मौसमी आपदा की तरह है।” उन्होंने उन आलोचकों को भी जवाब दिया जिन्होंने कहा था कि पुतिन उनकी बात नहीं मानेंगे, लेकिन ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उनकी बातचीत का सकारात्मक असर हुआ है।

कूटनीति बनाम जमीनी हकीकत: बयानों के बीच भी जारी है खून-खराबा

डोनाल्ड ट्रंप के इन आशावादी बयानों और पुतिन की कथित सहमति के बावजूद, युद्ध के मैदान से आने वाली खबरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। भले ही वॉशिंगटन में शांति की चर्चा हो रही हो, लेकिन यूक्रेन की धरती पर संघर्ष विराम का असर कम ही नजर आ रहा है। यूक्रेनी अधिकारियों ने रिपोर्ट दी है कि दक्षिणी जपोरिझिया इलाके में हाल ही में हुए रूसी ड्रोन हमलों में तीन नागरिक मारे गए हैं। यह हमला उस समय हुआ जब शांति वार्ताओं और अस्थाई युद्धविराम की खबरें सुर्खियां बटोर रही थीं। यह विरोधाभास दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे वादों और जमीनी स्तर पर चल रही सैन्य कार्रवाइयों के बीच अभी भी एक गहरी खाई है।

जेलेंस्की की चेतावनी: क्या रूस कर रहा है किसी बड़े हमले की तैयारी?

राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ट्रंप के दावों के बीच एक नई चेतावनी जारी की है। जेलेंस्की का मानना है कि रूस वर्तमान समय का उपयोग केवल अपनी सैन्य शक्ति को पुनर्गठित करने के लिए कर रहा है और वह जल्द ही एक और बड़े हमले की साजिश रच सकता है। जेलेंस्की की यह आशंका उन लोगों के संदेह को पुख्ता करती है जो पुतिन के ‘एक हफ्ते के युद्धविराम’ को केवल एक रणनीतिक पैंतरा मान रहे हैं। यूक्रेन का कहना है कि जब तक रूसी सेना उनके क्षेत्र से पूरी तरह वापस नहीं जाती, तब तक ऐसे बयानों का जमीन पर कोई खास महत्व नहीं है।

ट्रंप की शांति योजना का भविष्य और वैश्विक चिंताएं

कुल मिलाकर, डोनाल्ड ट्रंप की सक्रिय कूटनीति ने दुनिया को युद्ध खत्म होने की एक नई उम्मीद तो दी है, लेकिन पुतिन और जेलेंस्की के बीच का व्यक्तिगत मनमुटाव इस उम्मीद की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। अगर ट्रंप वास्तव में रूस और यूक्रेन को मेज पर लाने में सफल होते हैं, तो यह उनकी विदेश नीति की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। हालांकि, वर्तमान में यूक्रेन में जारी मौत और तबाही का सिलसिला यह याद दिलाता है कि शांति केवल एक फोन कॉल से नहीं, बल्कि ठोस और टिकाऊ समझौतों से आएगी। आने वाले कुछ हफ्ते यह तय करेंगे कि ट्रंप का ‘समझौते के करीब’ होने का दावा कितना सच साबित होता है।

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