
Trump On Iran : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की संभावना जताकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। फ्लोरिडा में मिडटर्म चुनावों के तहत शुरुआती मतदान में अपना वोट डालने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमला जल्द हो सकता है। हालांकि, उन्होंने दोनों देशों के बीच बड़े समझौते की संभावना भी खुली रखी।
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या अमेरिका आने वाले समय में ईरान पर हमला कर सकता है, तो ट्रंप ने सीधे जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि क्या उन्हें सच में लगता है कि वह ऐसी जानकारी पहले ही बता देंगे। इसके बाद उन्होंने मजाकिया लेकिन गंभीर अंदाज में कहा कि कार्रवाई शायद अगले दिन ही हो सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छी और बड़ी डील होने की संभावना मौजूद है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अहम सवाल यह है कि क्या वह उस पर कायम रह पाएगा।

अमेरिकी सेना की ताकत का ट्रंप ने किया दावा
पश्चिम एशिया में अपनी सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए ट्रंप ने अमेरिकी सेना और नौसेना की जमकर तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य बलों ने असाधारण प्रदर्शन किया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान के सभी लड़ाकू विमान मार गिराए गए हैं और उसके 259 जहाज समुद्र में डुबो दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब ईरान के सामने रिकॉर्ड महंगाई जैसी गंभीर आर्थिक चुनौती बची है।
हालांकि, ट्रंप द्वारा बताए गए सैन्य नुकसान के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती। ऐसे में इन दावों को अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
होर्मुज जलडमरूमध्य और समझौते पर ईरान का रुख
दूसरी ओर, ईरान से जुड़ी रिपोर्टों में अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर अलग तस्वीर सामने आई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से संबंधित तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, तेहरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों को कोई नया प्रस्ताव नहीं दिया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार करने की खबरों को खारिज किया है।


प्रेस टीवी के अनुसार, तसनीम से जुड़े सूत्रों ने सऊदी अरब के एक मीडिया संस्थान में प्रकाशित ऐसी खबरों को झूठा और मनगढ़ंत बताया। इन विरोधाभासी बयानों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने उम्मीद जताई कि लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष का जल्द समाधान निकल सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद वाशिंगटन दोनों देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगा।

डेमोक्रेट्स पर भ्रष्टाचार के आरोप
विदेश नीति और युद्ध से जुड़े मुद्दों के बाद ट्रंप ने अमेरिकी घरेलू राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर कई शहरों और राज्यों में व्यापक भ्रष्टाचार में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए। उनके इस बयान से अमेरिका में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल, ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक समझौते—दोनों विकल्पों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप के बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के संबंध किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।











