Trump Golden Atatue : यूरोपीय संसद के बाहर ट्रंप की नग्न सोने की मूर्ति ने मचाई सनसनी, जानिए पूरा मामला

यूरोपीय संसद के बाहर अचानक ऐसी मूर्ति दिखाई दी, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। 23 कैरेट सोने से बनी इस प्रतिमा में डोनाल्ड ट्रंप को बेहद अलग अंदाज में दिखाया गया है। मूर्ति के पीछे छिपा संदेश क्या है और इसे बनाने वाले कलाकार ने ऐसा क्यों किया?

Trump Golden Atatue

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 8, 2026

Trump Golden Atatue : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर यूरोप में एक अनोखा राजनीतिक-कलात्मक विरोध सामने आया है। यूरोपीय संसद के बाहर ट्रंप की करीब साढ़े आठ फीट ऊंची सोने की मूर्ति स्थापित की गई है। मूर्ति को 23 कैरेट सोने से तैयार किया गया है और इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इसकी तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा में हैं।

नग्न प्रतिमा में दिखाया गया अलग अंदाज

मूर्ति में ट्रंप को पूरी तरह नग्न अवस्था में दिखाया गया है। उनका शरीर एक छोटे कद के गरीब व्यक्ति के कंधों पर रखा गया है। प्रतिमा में ट्रंप का भारी पेट खास तौर पर उभारा गया है। कलाकार ने इस दृश्य के जरिए सत्ता, आर्थिक दबाव और वैश्विक असमानता को प्रतीकात्मक रूप में सामने रखने की कोशिश की है।

एक हाथ में गोल्फ स्टिक, दूसरे में तराजू

ट्रंप की मूर्ति के एक हाथ में गोल्फ स्टिक और गेंद दिखाई गई है, जबकि दूसरे हाथ में तराजू है। प्रतिमा के नीचे अंग्रेजी में “The Orange Plague (King of Injustice)” लिखा गया है। इसका अर्थ मोटे तौर पर “ऑरेंज प्लेग यानी अन्याय का राजा” बताया गया है। यह संदेश ट्रंप की राजनीतिक शैली पर कलाकार की आलोचना को दर्शाता है।

गरीब व्यक्ति के कंधे पर ट्रंप का भार

मूर्ति की सबसे खास बात उसका प्रतीकात्मक संदेश है। इसमें एक कमजोर और गरीब व्यक्ति के कंधे पर ट्रंप को बैठे हुए दिखाया गया है। मूर्ति से जुड़े संदेश में ट्रंप के हवाले से कहा गया है कि वह उस व्यक्ति के कंधे पर बैठे हैं, जो उनके वजन से दबा हुआ है और जिसकी मदद करने का दावा किया जाता है, लेकिन उसके कंधे से उतरने की बात नहीं कही गई है।

आर्थिक दबाव का प्रतीक बताया गया

कलाकार के अनुसार, मूर्ति के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि शक्तिशाली देश और नेता अपने फैसलों का आर्थिक बोझ दूसरे देशों पर डाल सकते हैं। ट्रंप की व्यापार और आर्थिक नीतियों को लेकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हुई आलोचनाओं की ओर भी यह कलाकृति संकेत करती है। हालांकि, यह पूरी तरह कलाकार की राजनीतिक और कलात्मक व्याख्या है।

डेनमार्क के कलाकार ने तैयार की प्रतिमा

इस विवादित प्रतिमा को डेनमार्क के कलाकार जेनस गैलशियोट ने बनाया है। इसे यूरोपीय संसद के सामने स्थापित करने की पहल डेनमार्क के वामपंथी राजनेता और यूरोपीय संसद के सदस्य पेर क्लॉसन से जुड़ी बताई गई है। बुधवार को प्रतिमा लगाए जाने के बाद यह वहां से गुजरने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई।

कलाकार ने ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप

कलाकार जेनस गैलशियोट ने ट्रंप की नीतियों और वैश्विक प्रभाव की आलोचना करते हुए कहा कि उनके अनुसार ट्रंप दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा हैं। कलाकार का कहना है कि आम लोग पर्यावरण और प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रयास करते हैं, जबकि शक्तिशाली नेताओं के फैसलों का असर व्यापक स्तर पर पड़ सकता है।

हंसी के जरिए विरोध का संदेश

कलाकार ने अपनी कलाकृति को गंभीर राजनीतिक विरोध के साथ हास्य से जोड़ने की कोशिश की है। उनका कहना है कि किसी शक्तिशाली या तानाशाही प्रवृत्ति वाले व्यक्ति को अपने ऊपर बने व्यंग्य पर हंसना पसंद नहीं होता। इसी वजह से उन्होंने ट्रंप की विशाल और असामान्य प्रतिमा के जरिए राजनीतिक संदेश को व्यंग्यात्मक अंदाज में पेश किया है।

यूरोप में फिर चर्चा में ट्रंप की नीतियां

ट्रंप की यह प्रतिमा सिर्फ एक कलाकृति नहीं, बल्कि उनके आलोचकों की राजनीतिक नाराजगी का प्रतीक भी बनकर सामने आई है। यूरोपीय संसद के बाहर इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। प्रतिमा को लेकर जहां कुछ लोग इसे राजनीतिक व्यंग्य मान रहे हैं, वहीं इसकी शैली और संदेश ने नई बहस को जन्म दिया है।

सोशल मीडिया पर भी बढ़ी चर्चा

प्रतिमा की तस्वीरें सामने आने के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप की नग्न प्रतिमा, उसके हाथों में गोल्फ स्टिक और तराजू तथा गरीब व्यक्ति के कंधे पर बैठे होने का दृश्य लोगों का ध्यान खींच रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस राजनीतिक कलाकृति पर अमेरिका और यूरोप से आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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