
US Iran Conflict : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है। खबरों के मुताबिक, नवंबर में अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर और भी बड़े हमले की संभावना से जुड़े संकेत दिए गए हैं। शुक्रवार को फ्लोरिडा में आयोजित एक सभा के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका शायद इस बार पहले से ज्यादा भयावह हमला कर सकता है। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका है।
ट्रंप बोले- ईरान ने समझदारी नहीं दिखाई तो बढ़ेगी मुश्किल
फ्लोरिडा में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझदारी दिखाता, तो बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करता। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान ऐसा करेगा। उनके बयान का संकेत था कि अगर तेहरान ने बातचीत का रास्ता नहीं चुना, तो उसे और गंभीर सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, इस बयान से किसी नए हमले की तारीख या सैन्य योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं होती।

समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की आशंका
ट्रंप की चेतावनी से पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि ईरान संभावित अमेरिकी या इजरायली हमले की स्थिति में समुद्र के नीचे मौजूद इंटरनेट केबल को निशाना बनाने पर विचार कर सकता है। ये केबल अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट और संचार व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि समुद्र के भीतर इन संचार लाइनों को नुकसान पहुंचता है, तो मध्य पूर्व के कई हिस्सों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, ईरान की ओर से ऐसी किसी कार्रवाई को अंजाम देने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
ईरान के नेतृत्व को लेकर ट्रंप के दावे पर विवाद
इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का संघर्ष आठवें महीने में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि ईरान को वास्तव में कौन चला रहा है। ट्रंप के मुताबिक, देश के शीर्ष नेताओं और दूसरे स्तर के नेतृत्व को लेकर स्थिति अस्पष्ट है। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इन दावों को खारिज किया है। दोनों पक्षों के बीच नेतृत्व, सैन्य स्थिति और युद्ध के परिणामों को लेकर बयानबाजी लगातार जारी है।


ईरानी विदेश मंत्री की चेतावनी से बढ़ी बयानबाजी
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के ‘फिनिश द जॉब’ बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका दोबारा अपनी किस्मत आजमाना चाहता है, तो ईरान उसका सामना करने के लिए तैयार है। अराघची ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी निशाना साधा था। इस बयानबाजी के बीच समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की आशंका और ट्रंप की नई चेतावनी ने तनाव को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
युद्धविराम के बीच शांति की उम्मीदों पर सवाल
फिलहाल दोनों देशों के बीच युद्धविराम की स्थिति बताई जा रही है, लेकिन सार्वजनिक बयानों से साफ है कि तनाव कम नहीं हुआ है। ट्रंप की नई चेतावनी और ईरान की कथित समुद्री रणनीति ने आगे की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, चुनाव के बाद किसी नए हमले का फैसला हो चुका है, ऐसा मानने के लिए अभी पर्याप्त आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बयान और कूटनीतिक कदम यह तय करने में अहम होंगे कि तनाव बातचीत की ओर बढ़ता है या फिर सैन्य टकराव का खतरा गहराता है।
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