Trump Epstein files: एपस्टीन फाइल में ट्रंप का नाम छिपाने का आरोप, अमेरिकी न्याय विभाग ने शुरू की जांच

जेफ्री एपस्टीन के काले कारनामों की फाइल ने एक बार फिर वाशिंगटन में तूफान खड़ा कर दिया है। आरोप है कि ट्रंप के प्रभाव वाली फाइलों से कुछ अहम नाम गायब किए गए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने अब इसकी गहराई से जांच शुरू कर दी है। क्या यह ट्रंप के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बनने वाली है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 26, 2026

Trump Epstein files: वाशिंगटन से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने अमेरिकी राजनीति और न्याय प्रणाली में हड़कंप मचा दिया है। जेफरी एपस्टीन सेक्स ट्रैफिकिंग मामले से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद अब यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई प्रभावशाली हस्तियों के नाम वाले दस्तावेजों को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब न्याय विभाग ने खुद इसकी जांच शुरू कर दी है कि क्या रिकॉर्ड जारी करते समय कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्यों को ‘अनुचित’ रूप से रोका गया था। कई अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों ने दावा किया है कि ट्रंप के खिलाफ एक महिला द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े रिकॉर्ड उन फाइलों में शामिल नहीं थे, जिन्हें पिछले दिनों जारी किया गया था।

एफबीआई इंटरव्यू के रिकॉर्ड गायब: न्याय विभाग की भूमिका पर सवाल

बुधवार को एक आधिकारिक घोषणा में स्वीकार किया गया कि विभाग द्वारा जारी किए गए लाखों पन्नों के रिकॉर्ड में उन साक्षात्कारों (इंटरव्यू) के सारांश गायब हैं, जो एफबीआई ने 2019 में एक अज्ञात महिला के साथ किए थे। उस अज्ञात महिला ने दावा किया था कि 1980 के दशक में, जब वह नाबालिग थी, तब डोनाल्ड ट्रंप और जेफरी एपस्टीन ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। न्याय विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि वे वर्तमान में उन फाइलों की समीक्षा कर रहे हैं, जिन्हें समाचार संगठनों और व्यक्तियों द्वारा ‘गायब’ बताया गया है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि यदि कोई दस्तावेज संघीय कानून के तहत जारी करने योग्य पाया गया, तो उसे निश्चित रूप से प्रकाशित किया जाएगा।

मैक्सवेल की भूमिका और गायब रिकॉर्ड्स का सच

घिस्लेन मैक्सवेल, जो जेफरी एपस्टीन की प्रेमिका और लंबे समय तक उसकी सहयोगी रही थी, वर्तमान में यौन तस्करी के मामले में 20 साल की सजा काट रही है। उसी के आपराधिक मामले की खोजबीन के दौरान ये दस्तावेज सामने आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफबीआई ने ट्रंप के खिलाफ आरोप लगाने वाली महिला से चार बार पूछताछ की थी ताकि उसके दावों की सत्यता की जांच की जा सके। हालांकि, सार्वजनिक की गई फाइलों में केवल एक साक्षात्कार का संक्षिप्त विवरण ही मौजूद है। न्यूयॉर्क टाइम्स, सीएनएन और एनपीआर जैसे मीडिया संस्थानों ने इन गायब रिकॉर्ड्स को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद प्रशासन बचाव की मुद्रा में है।

30 लाख पन्नों की रिपोर्ट और रिडैक्शन प्रक्रिया में बड़ी खामियां

पिछले महीने न्याय विभाग ने घोषणा की थी कि वह एपस्टीन से संबंधित 30 लाख से अधिक पृष्ठों के रिकॉर्ड जारी कर रहा है। विभाग का कहना था कि वह पूरी पारदर्शिता चाहता है, लेकिन पीड़ितों की गोपनीयता और चल रही जांच के कारण कुछ हिस्सों को ‘रिडैक्ट’ (छिपाना) किया गया है। हाउस ओवरसाइट कमिटी के शीर्ष डेमोक्रेट प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि विभाग ने एफबीआई साक्षात्कारों को ‘अवैध’ रूप से रोका हुआ प्रतीत होता है। दूसरी ओर, एपस्टीन के वकीलों का आरोप है कि रिडैक्शन प्रक्रिया इतनी लापरवाह थी कि उससे लगभग 100 पीड़ितों की पहचान और निजी जानकारी उजागर हो गई, जिससे उनकी जिंदगी खतरे में पड़ गई है।

ट्रंप और व्हाइट हाउस का पक्ष: आरोपों को बताया निराधार

इस पूरे विवाद पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस ने अपना रुख सख्त रखा है। उन्होंने एपस्टीन के साथ किसी भी प्रकार के गलत काम या संबंधों से लगातार इनकार किया है। न्याय विभाग ने भी पहले कहा था कि ट्रंप के खिलाफ कुछ दावे ‘सनसनीखेज और झूठे’ हैं, जो 2020 के चुनावों से ठीक पहले एफबीआई को दिए गए थे। विभाग के मुताबिक, इन दावों में कोई विश्वसनीयता नहीं है और इन्हें केवल राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। फरवरी 2026 की यह घटना अमेरिकी लोकतंत्र में पारदर्शिता और न्यायपालिका की निष्पक्षता पर एक बड़ी बहस छेड़ चुकी है।

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