Trump Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा संकट के समाधान के लिए प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी कामयाबी मिली है। ट्रंप के न्योते को स्वीकार करते हुए 8 प्रमुख मुस्लिम देशों ने इस शांति मिशन का हिस्सा बनने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इन देशों में कतर, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे प्रभावशाली नाम शामिल हैं। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस पहल का स्वागत किया है, जिसे मिडिल ईस्ट में शांति बहाली की दिशा में ट्रंप प्रशासन की एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।
संयुक्त बयान के जरिए एकजुटता का संदेश
बुधवार को जारी किए गए एक आधिकारिक संयुक्त बयान में इन आठ देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप द्वारा अपने संबंधित राष्ट्राध्यक्षों को दिए गए निमंत्रण का तहे दिल से स्वागत करते हैं। बयान में स्पष्ट किया गया कि सभी आठ देशों ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का साझा फैसला लिया है। मंत्री अपने-अपने देशों की संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जल्द ही औपचारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगे। गौरतलब है कि मिस्र, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने इस दिशा में पहले ही अपनी सहमति व्यक्त कर दी थी, लेकिन अब सामूहिक घोषणा ने इस मिशन को और अधिक मजबूती प्रदान की है।
गाजा में अस्थायी प्रशासन की तरह काम करेगा ‘बोर्ड ऑफ पीस’
यह बोर्ड केवल एक सलाहकार निकाय नहीं होगा, बल्कि यह ‘गाजा संघर्ष को खत्म करने की व्यापक योजना’ के तहत एक अस्थायी प्रशासन (Transitional Administration) के रूप में कार्य करेगा। इन देशों के मंत्रियों ने राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व वाले शांति प्रयासों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहराया है। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि वे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के मिशन को जमीन पर लागू करने में हर संभव मदद करेंगे। इस बोर्ड का मुख्य कार्य युद्ध के बाद गाजा की प्रशासनिक व्यवस्था को संभालना और वहां एक स्थिर वातावरण तैयार करना होगा, ताकि शांति प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 का समर्थन
गाजा संघर्ष को समाप्त करने की इस व्यापक योजना को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव 2803 के तहत अंतरराष्ट्रीय कानूनी मान्यता प्राप्त है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य केवल युद्ध रोकना नहीं, बल्कि एक स्थायी युद्धविराम को मजबूती प्रदान करना है। इसमें गाजा के बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण और फिलिस्तीनी नागरिकों के आत्मनिर्णय के अधिकार को सुनिश्चित करना शामिल है। यह बोर्ड एक ऐसे न्यायपूर्ण और स्थायी समाधान की दिशा में काम करेगा जो फिलिस्तीनी राज्य के निर्माण के अधिकार पर आधारित हो, ताकि भविष्य में इस क्षेत्र में दोबारा हिंसा की स्थिति उत्पन्न न हो।
स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता का नया मार्ग
‘बोर्ड ऑफ पीस’ को इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में पेश किया गया है। इसका दूरगामी लक्ष्य मिडिल ईस्ट के सभी देशों और लोगों के लिए सुरक्षा और स्थिरता का एक नया रास्ता खोलना है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि जब क्षेत्रीय शक्तियां (विशेषकर मुस्लिम देश) सीधे तौर पर गाजा के प्रबंधन में शामिल होंगी, तो इजराइल की सुरक्षा चिंताओं और फिलिस्तीनियों की मानवीय जरूरतों के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा। यह पहल न केवल गाजा संघर्ष को समाप्त करने का प्रयास है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव और शांति दूत की भूमिका को भी रेखांकित करती है।
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