अंतिम आहुति से पहले हादसा: अयोध्या में महायज्ञ स्थल पर लगी भीषण आग, सबकुछ स्वाहा

अयोध्या  राम नगरी अयोध्या के राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा घाट पर आयोजित सात दिवसीय श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन एक बड़ा हादसा हो गया। शनिवार दोपहर अज्ञात कारणों से यज्ञशाला के विशाल पंडाल में भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। अंतिम आहुति से पहले मची अफरा-तफरी उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा आयोजित इस महायज्ञ का आज सातवां और आखिरी दिन था। शाम 6:00 बजे पूर्णाहुति और अंतिम आहुति का कार्यक्रम निर्धारित था, लेकिन दोपहर में अचानक उठी चिंगारी ने देखते ही देखते पूरी यज्ञशाला को

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Published On :

मार्च 28, 2026

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अयोध्या

 राम नगरी अयोध्या के राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा घाट पर आयोजित सात दिवसीय श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन एक बड़ा हादसा हो गया। शनिवार दोपहर अज्ञात कारणों से यज्ञशाला के विशाल पंडाल में भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।

अंतिम आहुति से पहले मची अफरा-तफरी

उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा आयोजित इस महायज्ञ का आज सातवां और आखिरी दिन था। शाम 6:00 बजे पूर्णाहुति और अंतिम आहुति का कार्यक्रम निर्धारित था, लेकिन दोपहर में अचानक उठी चिंगारी ने देखते ही देखते पूरी यज्ञशाला को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

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मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) एमपी सिंह के नेतृत्व में दमकल की 10 गाड़ियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।

मौके पर पहुंचे मंत्री और विधायक

हादसे की खबर मिलते ही परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और गोसाईगंज विधायक अभय सिंह आयोजन स्थल पर पहुंचे। आग लगने के दौरान पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मंत्री का बयान

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने राहत की सांस लेते हुए कहा, 'सबसे बड़ी संतोष की बात यह है कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। प्रशासन की ओर से टेक्निकल टीम को जांच के लिए लगाया जाएगा ताकि वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।'

 

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