Tony Pigott Death: इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर टोनी पिगॉट का निधन, डेब्यू के लिए टाल दी थी शादी; क्रिकेट जगत में शोक की लहर

Tony Pigott Death: क्रिकेट इतिहास का वो सबसे भावुक लम्हा जब एक खिलाड़ी ने अपने निकाह के कार्ड बंटने के बाद उसे सिर्फ इसलिए टाल दिया क्योंकि उसे देश के लिए खेलना था। ससेक्स और इंग्लैंड के महान क्रिकेटर टोनी पिगॉट का निधन हो गया है। जानिए उनके उस यादगार डेब्यू की पूरी दास्तां!

Tony Pigott Death

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 3, 2026

Tony Pigott Death:  इंग्लैंड के क्रिकेट गलियारों से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ससेक्स काउंटी क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व इंग्लिश गेंदबाज टोनी पिगॉट का 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरी इंग्लिश काउंटी बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है। पिगॉट को न केवल उनकी घातक गेंदबाजी के लिए, बल्कि ससेक्स क्रिकेट क्लब के कायाकल्प में उनकी प्रशासनिक भूमिका के लिए भी याद किया जाता है। उन्होंने साल 1978 में महज 20 साल की उम्र में ससेक्स के लिए अपना पहला मैच खेलकर क्रिकेट जगत में कदम रखा था और अपने पहले ही फर्स्ट क्लास विकेट को यादगार हैट्रिक में तब्दील कर सनसनी मचा दी थी।

देश के लिए जज्बा: टेस्ट डेब्यू की खातिर स्थगित कर दी थी अपनी शादी

टोनी पिगॉट का अंतरराष्ट्रीय करियर सांख्यिकीय रूप से छोटा हो सकता है, लेकिन उनकी प्रतिबद्धता की कहानी अद्वितीय है। साल 1983-84 में न्यूजीलैंड दौरे पर जब इंग्लिश टीम चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझ रही थी, तब न्यूजीलैंड में क्लब क्रिकेट खेल रहे पिगॉट को अचानक बुलावा भेजा गया। दिलचस्प बात यह है कि जिस सोमवार को वह क्राइस्टचर्च में अपना इकलौता टेस्ट मैच खेल रहे थे, उसी दिन उनकी शादी तय थी। देश के लिए खेलने के जुनून में उन्होंने अपनी शादी टाल दी। हालांकि, उस मैच के बाद उन्होंने शादी की, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका यह समर्पण आज भी एक मिसाल के तौर पर याद किया जाता है।

चोट के कारण संन्यास और ससेक्स क्रिकेट का ऐतिहासिक पुनरुत्थान

पिगॉट का करियर चोटों के कारण उतार-चढ़ाव भरा रहा। 1994 में सरे के लिए खेलने के बाद पीठ की गंभीर समस्या ने उन्हें 1996 में संन्यास लेने पर मजबूर कर दिया। लेकिन खेल के प्रति उनका प्रेम उन्हें वापस उनकी होम काउंटी ससेक्स ले आया। पहले उन्होंने कोच की जिम्मेदारी संभाली और फिर 1997 में क्लब के चीफ एग्जीक्यूटिव (CEO) बने। उनके नेतृत्व में ससेक्स ने आधुनिकता की ओर कदम बढ़ाए और वह स्थायी फ्लडलाइट्स लगाने वाला पहला काउंटी क्लब बना। पिगॉट की दूरदर्शिता का ही परिणाम था कि साल 2003 में ससेक्स ने अपने इतिहास की पहली काउंटी चैंपियनशिप ट्रॉफी जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।

भावुक श्रद्धांजलि: क्रिस एडम्स ने टोनी को बताया क्लब का ‘मसीहा’

2003 की ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले कप्तान क्रिस एडम्स ने टोनी पिगॉट को भावुक विदाई दी। एडम्स ने ससेक्स की आधिकारिक वेबसाइट पर लिखा कि टोनी वह व्यक्ति थे जिन्होंने क्लब की तकदीर बदल दी। एडम्स के मुताबिक, 1998 में उनका ससेक्स से जुड़ना केवल टोनी के सकारात्मक व्यक्तित्व के कारण संभव हुआ था। वे न केवल एक बेहतरीन प्रशासक थे, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक थे जिन्होंने कई युवा क्रिकेटरों के जीवन को सही दिशा दी। क्रिकेट परिवार के लिए उन्हें खोना एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि वे हमेशा एक मुस्कान और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ मिलते थे।

अंतिम समय तक सक्रियता: पिच इंस्पेक्टर से आत्मकथा के लेखक तक का सफर

CEO पद से हटने के बाद भी टोनी पिगॉट क्रिकेट से दूर नहीं हुए। उन्होंने पिच इंस्पेक्टर और मैच रेफरी जैसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाएं निभाईं और खेल की निष्पक्षता सुनिश्चित की। गिरते स्वास्थ्य के बावजूद, नवंबर 2025 में उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘Lester and the Deckchair Revolution’ का विमोचन किया, जिसमें उन्होंने ससेक्स क्रिकेट के अपने अनुभवों और क्लब में लाए गए क्रांतिकारी बदलावों को साझा किया है। टोनी पिगॉट भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन ससेक्स के मैदान और वहां की जीत की गाथाओं में उनका नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

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