TMC Councillor Arrested: TMC का किला ढह रहा? एक के बाद एक पार्षदों की गिरफ्तारी से मची अफरा-तफरी

पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) का पतन जारी है। पार्टी के विधायक और सांसद बागी हो रहे हैं, वहीं भ्रष्टाचार और उगाही के आरोप में पार्षदों की गिरफ्तारी का सिलसिला थम नहीं रहा है। वार्ड 101 के पार्षद बप्पदित्य दासगुप्ता सहित छह पार्षद जेल भेजे जा चुके हैं, और नेता जनता को 'कट-मनी' लौटाने पर मजबूर हैं।

TMC Councillor Arrested

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 7, 2026

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TMC Councillor Arrested:  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अभूतपूर्व राजनीतिक संकट से गुजर रही है। पार्टी के भीतर मची भगदड़ और दो-तिहाई से अधिक विधायकों व सांसदों के बागी होने से संगठन की नींव हिल गई है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आम जनता का गुस्सा फूट रहा है और टीएमसी नेताओं को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस माहौल के बीच, राज्य की पुलिस और प्रशासन भी भ्रष्टाचार व उगाही के मामलों में टीएमसी नेताओं पर सख्त कार्रवाई कर रही है, जिससे पार्टी की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं।

कोलकाता में उगाही का खेल

इसी कड़ी में कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के वार्ड नंबर 101 के पार्षद बप्पदित्य दासगुप्ता को शनिवार रात पटुली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर जबरन वसूली (Extortion) के गंभीर आरोप हैं। पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद हुई इस गिरफ्तारी से पार्टी में हड़कंप मच गया है। बप्पदित्य के साथ ही वार्ड 101 के तृणमूल युवा अध्यक्ष सौरव घोष को भी गिरफ्तार किया गया है। बप्पदित्य 2015 से पार्षद हैं और उन पर पूर्व में चुनाव के बाद हुई हिंसा के भी आरोप रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वे KMC के छठे टीएमसी जन-प्रतिनिधि हैं, जिन्हें हालिया दिनों में जेल भेजा गया है।

गिरफ्तार टीएमसी पार्षदों की लंबी सूची

बप्पदित्य दासगुप्ता की गिरफ्तारी से पहले ही KMC के पांच अन्य टीएमसी पार्षद अलग-अलग मामलों में कानून के शिकंजे में फंस चुके हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को राज्य में बदलती राजनीतिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है। गिरफ्तार किए गए पार्षदों में विश्वजीत मंडल (वार्ड 114), अरिजीत दास ठाकुर (वार्ड 106), सचिन सिंह (वार्ड 36), महेश कुमार शर्मा (वार्ड 2) और सुदीप पोली (वार्ड 123) शामिल हैं। एक के बाद एक जन-प्रतिनिधियों की गिरफ्तारी ने टीएमसी की साख पर गहरा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

बंगाल से कई चौंकाने वाले वीडियो सामने आए

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के बीच बंगाल से कई चौंकाने वाले वीडियो सामने आए हैं, जिनमें टीएमसी नेता जनता के भारी दबाव के चलते लोगों को ‘कट-मनी’ (सरकारी योजनाओं में वसूला गया अवैध कमीशन) लौटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। सत्ता गंवाने के बाद नेताओं की यह स्थिति साफ दर्शाती है कि आम जनता अब उन पुराने कमीशनखोरों के खिलाफ लामबंद हो रही है, जिन्होंने विकास के पैसे को अपनी जेब में भरा था। यह दृश्य बंगाल की नई राजनीतिक फिजा और टीएमसी के पतन की गाथा को बयां करने के लिए काफी है।

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