भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से सर्वसमाज को एकजुटता के सूत्र में पिरोने का लक्ष्य रखा है। हमें जातिवाद जैसी चुनौतियों से भरे वातावरण में स्वयं के मन में पवित्र भाव जागृत करने और समरसता लाने की आवश्यकता है। देश में समय बदला है अब प्रभु राम की नगरी अयोध्या में बने एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि और पंजाब में एयरपोर्ट का नाम संत रविदास महाराज के नाम पर रखा गया है। यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि सागर में 100 करोड़ की लागत से संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर और स्मारक बनकर तैयार हो रहा है। बहुत जल्द प्रधानमंत्री मोदी को इस धाम के लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष में उज्जैन में उनकी वस्तुओं और शिष्य के समाधि स्थल को संरक्षित करते हुए भव्य गुरुद्वारा निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश में जहां रविदास जी के चरण पड़े, उन तीर्थ स्थलों का उन्नयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रवींद्र भवन में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित समरसता संकल्प अभियान एवं कलश वंदन यात्रा का रविन्द्र भवन में शुभारंभ कर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा उनकी जन्मस्थली काशी से आए कलशों का पूजन किया और संभागीय प्रतिनिधियों को कलशों का वितरण किया।
राज्य सरकार समरसता संकल्प अभियान में हरसंभव सहयोग देगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार समरसता संकल्प अभियान की कार्ययोजना में हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तत्पर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से संत रविदास जी महाराज के बताए मार्ग का अनुसरण करने और जीवन में उनके विचारों को धारण करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काशी की पवित्र भूमि पर जन्मे संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज ने भारत को एक करने का कार्य किया। तत्कालीन समय में विधर्मी आक्रांता भारतीय परंपराओं को नष्ट करना चाहते थे। तब छोटे बालक के रूप में रविदास जी ने बनारस के घाटों पर संत रामानंद आचार्य महाराज के प्रवचन और कथाएं सुनकर भक्तिभाव से समाज को एक करने का संकल्प लिया था। संत रविदास जी ने – जातपात पूछे न कोई हरि को भजे सो हरि का होई, का संदेश दिया था। संत रविदास ने कर्म करते हुए सदैव अपने मन में भक्ति भाव को बनाए रखा। हमारे साधु-संतों ने सामाजिक समरसता की इस पताका को अपने हाथों में थामा और समरसता के विचार को आगे बढ़ाया। उस दौर के सबसे महान संत रामानंद जी महाराज ने संत रविदास जी को दीक्षा दिलवाई थी। संत रविदास के भजन आज भी भक्ति भाव से लोगों के मन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
गांव-गांव तक जाएगी कलश वंदन यात्रा
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान और कलश वंदन यात्रा को प्रदेश में गांव-गांव तक तक ले जाया जाएगा। पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज ने सामाजिक समरसता, मानव कल्याण, धर्मांतरण के विरूद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 01 फरवरी 2026 को हुई जालंधर यात्रा में संत रविदास जी की 650वीं जयंती मनाने का निर्णय लिया गया था। इस क्रम में कलश वंदन यात्रा आरंभ की गई है। सभी गांव और कस्बों में कलशों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। अभियान के अंतर्गत बड़े पैमाने पर संतगण से संपर्क किया जा रहा है। अंतिम चरण में छात्रावास संपर्क अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को संत रविदास जी के जीवन दर्शन से परिचित कराया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रवाद को मजबूत कर वंदे मातरम् को घर-घर पहुंचाया
पूर्व राज्यसभा सदस्य दुष्यंत गौतम ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान और कलश वंदन यात्रा की शुरुआत गुरुपूर्णिमा से शुरू हुई और माघ पूर्णिमा 20 फरवरी तक चलेगी। देश की संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाने वाले सभी संत, महंत और महापुरुष हमारे आराध्य हैं। देश में जब तलवार के बल पर बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन हो रहा था, उस दौर में भक्तिकाल की अलख जगी और तुलसीदास जी, गुरुनानक देव जी, संत रविदास जी ने भक्ति काल को बल दिया। संत रविदास ने जन-जन तक अपनी वाणी को पहुंचाया। संत रविदास ने वेद और सनातन को नहीं छोड़ा और जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए अभियान चलाया। प्रधानमंत्री मोदी सामाजिक समरसता और सामाजिक विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। काशी से शुरू हुआ कलश अभियान देश के विभिन्न राज्यों में जाएगा और संत रविदास जी की वाणी घर-घर तक पहुंचेगी।
हमें समाज के हर वर्ग को जोड़कर समरसता की मिसाल प्रस्तुत करनी है
वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि संत रविदास ने कटुता को छोड़कर समाज को समरसता को अपनाने का मंत्र दिया। हमें इस समरसता संकल्प अभियान को जन-जन तक लेकर जाना है। सागर में संत रविदास का भव्य मंदिर और स्मारक बनाया जा रहा है। हमें समाज के हर वर्ग को जोड़कर समरसता की मिसाल प्रस्तुत करनी है और हमें देश को विकसित भारत बनाना है। कार्यक्रम में मंत्रिगण, सांसद, विधायक, बड़ी संख्या में संतगण, जनप्रतिनिधि तथा श्रद्धालु उपस्थित थे।










