Tiger Shroff Firing Case : टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस को पहली कामयाबी, बाइक बरामद; गैंग के दावे की जांच जारी

टाइगर श्रॉफ की BMW पर फायरिंग के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला है। अंधेरी स्टेशन के पास बाइक बरामद हुई और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। हमले की जिम्मेदारी लेने वाली सोशल मीडिया पोस्ट भी जांच के दायरे में है। अब सवाल है—पुलिस सबसे पहले किस आरोपी तक पहुंचेगी?

Tiger Shroff Firing Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 19, 2026

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Tiger Shroff Firing Case : मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच कर रही पुलिस को शुरुआती सफलता मिलने की खबर है। पुलिस ने कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास से बरामद की है। जानकारी के मुताबिक, हमलावर फायरिंग के बाद बाइक को वहां लावारिस छोड़कर फरार हो गए थे। अब पुलिस मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट और चेसिस नंबर के आधार पर उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सके।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

मामले की जांच के दौरान मुंबई पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेने की जानकारी दी है। हालांकि, उनकी भूमिका और पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। पुलिस ने रेलवे और सरकारी रेलवे पुलिस यानी जीआरपी से भी सहयोग मांगा है। अंधेरी स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी स्टेशन तक कैसे पहुंचे और वहां से किस दिशा में फरार हुए।

महाराष्ट्र से बाहर जाने वाली ट्रेनों पर भी नजर

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पुलिस महाराष्ट्र से बाहर जाने वाली ट्रेनों पर भी नजर रख रही है। आशंका है कि आरोपी वारदात के बाद राज्य से बाहर निकलने की कोशिश कर सकते हैं। पुलिस ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ और उनके कार चालक का बयान भी दर्ज किया है। जांच में फायरिंग से पहले और बाद की गतिविधियों, संदिग्धों की आवाजाही और संभावित मददगारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में पुलिस की अलग-अलग टीमें हमलावरों की पहचान करने में लगी हैं।

जुहू में BMW कार पर चलाई गईं पांच गोलियां

बताया गया है कि रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर पांच राउंड फायरिंग की गई थी। घटना में अभिनेता को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस और एक ऑटो चालक के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद पुलिस ने मौके से जुड़े साक्ष्य जुटाए और हमलावरों की तलाश शुरू की। इस वारदात ने मुंबई में फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस हमले के पीछे की वजह और आरोपियों की मंशा का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से पोस्ट

फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाली एक सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आई है। खबर के मुताबिक, अनिल पंडित अनमोल बिश्नोई नाम के फेसबुक अकाउंट से किए गए पोस्ट में हमले को लेकर दावा किया गया। पोस्ट में कथित तौर पर कहा गया कि टाइगर श्रॉफ को पहले फोन करके समझाने की कोशिश की गई थी। इसमें फिल्म इंडस्ट्री के उन लोगों को भी धमकी दी गई, जो कथित तौर पर उनकी बात नहीं मानेंगे या सलमान खान के साथ काम करेंगे। पोस्ट में आगे भी लोगों को निशाना बनाने की चेतावनी दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस पोस्ट की प्रामाणिकता और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से इसके संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है।

सलमान खान के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। सोशल मीडिया पोस्ट में सलमान खान के साथ काम करने वालों को कथित धमकी दिए जाने के दावे के मद्देनजर यह कदम अहम माना जा रहा है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव और उससे जुड़ी आधिकारिक जानकारी की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले को लेकर मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती से बात की और घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने पुलिस को हमलावरों की जल्द पहचान करने, जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, फडणवीस ने टाइगर श्रॉफ से भी फोन पर बात कर उन्हें सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने अभिनेता को चिंता नहीं करने की बात कही और आरोपियों को जल्द पकड़ने का भरोसा जताया।

जांच के केंद्र में बाइक, सीसीटीवी और सोशल मीडिया पोस्ट

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल हमलावरों की पहचान, फायरिंग की वजह और वारदात में इस्तेमाल किए गए संसाधनों का पता लगाना है। बरामद बाइक, स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज, दर्ज बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच से मामले में आगे सुराग मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी, पोस्ट की प्रामाणिकता और हमले के पीछे की वजह पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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