MP का शहर जल्द जुड़ेगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से, हाईस्पीड रोड प्रोजेक्ट को दी हरी झंडी

उज्जैन मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन को जल्द ही देश के सबसे बड़े हाईस्पीड रोड नेटवर्क से सीधा कनेक्शन मिलने वाला है। केंद्र सरकार ने उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे जोड़ने के लिए नई सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 80.45 किमी लंबी सड़क बनने से महाकाल की नगरी तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3839 करोड़ रुपए बताई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ मेले से पहले इस कनेक्टिविटी को तैयार कर लिया जाए, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके। 2025

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Published On :

मार्च 13, 2026

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उज्जैन
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन को जल्द ही देश के सबसे बड़े हाईस्पीड रोड नेटवर्क से सीधा कनेक्शन मिलने वाला है। केंद्र सरकार ने उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे जोड़ने के लिए नई सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 80.45 किमी लंबी सड़क बनने से महाकाल की नगरी तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3839 करोड़ रुपए बताई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ मेले से पहले इस कनेक्टिविटी को तैयार कर लिया जाए, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके।

2025 में बना नेशनल हाईवे, अब तेजी से आगे बढ़ेगा काम
इस मार्ग को मई 2025 में राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया था। इसके बाद 6 महीने में ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। अब भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक 17 मार्च तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। जबकि अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। परियोजना को 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

अभी संकरी सड़क, एक्सप्रेस वे बनने पर होगी तेज रफ्तार
फिलहाल जिस मार्ग से यह कनेक्टिविटी बनेगी, वहां कई हिस्सों में मार्ग की चौड़ाई करीब 5.5 मीटर है। यहां वाहन की रफ्तार 20-25 किमी प्रतिघंटा ही है। लेकिन नई सड़क 4 लेन होगी, इसके बनने के बाद वाहनों की रफ्तार 80-100 किमी प्रतिघंटा होगी।

गुजरात, महाराष्ट्र से उज्जैन का सफर होगा आसान
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जुड़ने के बाद गुजरात और महाराष्ट्र से उज्जैन आने का रास्ता काफी छोटा हो जाएगा। वर्तमान में यहां के यात्रियों को उज्जैन आने के लिए एक लंबा सफर तय करना पड़ता है। नई सड़क बनने के बाद श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा होगा।

उद्योगों को भी मिलेगा लाभ
इस परियोजना से इंदौर, देवास, उज्जैन के साथ ही पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को भी फायदा होगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल परिवहन तेज होगा और लॉजिस्टिक लागत कम होने की उम्मीद भी नजर आ रही है।

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