दल बदल लेते हैं पर दिल नहीं बदलता, राजस्थान की पूर्व सीएम ने बाहरी नेताओं पर कसा तंज

 जयपुर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे ने पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर एक ऐसा बयान दिया है, जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजे ने साफ लहजे में कहा कि पार्टी को अब अवसरवादियों की जगह अपने मूल वफादारों को पहचानने की जरूरत है। दल बदल लेते हैं, पर दिल नहीं वसुंधरा राजे ने बीजेपी के 46 साल के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान कई लोग आए और कई चले गए। उन्होंने तंज कसते हुए

Wrriten By :

Editor

Published On :

अप्रैल 6, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

 जयपुर
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे ने पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर एक ऐसा बयान दिया है, जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजे ने साफ लहजे में कहा कि पार्टी को अब अवसरवादियों की जगह अपने मूल वफादारों को पहचानने की जरूरत है।

दल बदल लेते हैं, पर दिल नहीं
वसुंधरा राजे ने बीजेपी के 46 साल के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान कई लोग आए और कई चले गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, आजकल कई लोग दल तो बदल लेते हैं, लेकिन उनका दिल नहीं बदलता। उनकी मानसिकता वही पुरानी रहती है। राजे का इशारा साफ तौर पर उन नेताओं की तरफ था जो दूसरी पार्टियों से आकर बीजेपी में ऊंचे पद पाने की जुगत में रहते हैं।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

वफादारों को मिले सम्मान, अवसरवादियों को नो एंट्री!
राजे ने आगामी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर नेतृत्व को सावधान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक नियुक्तियां और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सिर्फ उन्हीं को मिलनी चाहिए जो मूल भाजपा के हैं। जिन्होंने तूफानों और मुश्किल वक्त में पार्टी के लिए लाठियां खाईं और संघर्ष किया, उन्हें ही मौका मिले। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रति समर्पण दिखाने वाले कार्यकर्ताओं को ही शासन में भागीदारी दी जानी चाहिए।

पद के पीछे भागने वालों को नसीहत
कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए वसुंधरा ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा, पद के लालच में काम मत करो। अगर आप ईमानदारी से जमीन पर काम करेंगे, तो पद खुद चलकर आपके पास आएगा। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर अटल-आडवाणी और विजयाराजे सिंधिया के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज पीएम नरेंद्र मोदी उस दीप को और प्रकाशमान कर रहे हैं।

Leave a Comment