किरगी पंचायत में नहीं है ऑटो स्टैंड की सुविधा पंचायत नहीं है खतरों से खाली

राजेंद्रग्राम  मुख्यालय परिसर के समीप ग्राम पंचायत किरंगी में इन दोनों खतरे का संकेत माना जाता है देखा जाए तो रीवा अमरकंटक मार्ग में ऑटो की भारी संख्या में लगाई जा रही ऑटो की भीड़ जहां आवा जाहि करने वाले अधिकारी कर्मचारी व आम नागरिकों को हो रही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लगातार घटना का संकेत दिखता नजर आ रहा है जहां रीवा अमरकंटक मार्ग में सारे ऑफिस स्थित हैं जहां अधिकारी रोज आवा गवन करते हैं लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी को दिखाई नहीं पड़ रहा है अगर सड़क किनारे  ऑटो लगेगी तो खतरा हो

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Published On :

फ़रवरी 11, 2026

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राजेंद्रग्राम

 मुख्यालय परिसर के समीप ग्राम पंचायत किरंगी में इन दोनों खतरे का संकेत माना जाता है देखा जाए तो रीवा अमरकंटक मार्ग में ऑटो की भारी संख्या में लगाई जा रही ऑटो की भीड़ जहां आवा जाहि करने वाले अधिकारी कर्मचारी व आम नागरिकों को हो रही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लगातार घटना का संकेत दिखता नजर आ रहा है जहां रीवा अमरकंटक मार्ग में सारे ऑफिस स्थित हैं जहां अधिकारी रोज आवा गवन करते हैं लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी को दिखाई नहीं पड़ रहा है अगर सड़क किनारे  ऑटो लगेगी तो खतरा हो सकता है आए दिनों जहां अमरकंटक तिराहा राजेंद्र ग्राम में घटना भी हो चुकी है लेकिन अभी भी शासन प्रशासन मौन है और पूरी तरह दुर्घटना ही दुर्घटना दिखाई दे रही है वही देखा जाए तो अमरकंटक तिराहा में बनी यात्री प्रतीक्षालय जहां यात्रियों को बैठने की जगह दुकानदारों ने अपना कब्जा जमा रखें है और यात्रियों को बैठने के लिए रास्ता ढूंढना पड़ रहा है और असुविधा होने की आशंका जताई जा रही है रोज इस मार्ग से पंचायत कर्मचारी सरपंच सचिव थाना प्रभारी राजेंद्रग्राम एसडीओपी पुष्पराजगढ़ एसडीएम पुष्पराजगढ़ जनपद सीईओ पुष्पराजगढ़ व तहसीलदार एवं सभी अधिकारी कर्मचारी इस मार्ग से आवा गमन करते हैं लेकिन किसी को दिखाई नहीं पड़ता है कहा जाए तो वही पशु चिकित्सालय भी स्थित है जहां आने-जाने या घुसने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जहां शासन प्रशासन इन दिनों बाहर से आए हुए हैंडलूम वालों को पशु चिकित्सालय के अंदर मेला लगाने की अनुमति दी जाती है अगर बाहर के व्यापारियों को मेला लगाने की अनुमति दी जाती है न कि ऑटो स्टैंड बनाने की सुविधा नहीं दी जाती है जहा इन दिनों अतिक्रमण देखा जा रहा है और पुलिस प्रशासन के द्वारा ऑटो संचालकों से हफ्ता वसूली कर अपना जेब भरने में लगे रहते हैं नहीं कि उनको सुविधा दिलाने में और उसी मार्ग से लखौरा स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों व कस्तूरबा गांधी हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थीयो को कतार में आना जाना पड़ता है लेकिन विद्यार्थियों को हो रही है सुविधा किसी अधिकारी या कर्मचारी के नजरों में दिखाई नहीं पड़ रहा है और सड़क के किनारे पचासा में चलने की तो जगह ही नहीं है तो विद्यार्थी रोड में चलने को मजबूर हो रहे हैं जहां घटना का संकेत माना गया है।

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