योगी सरकार ने की कांवड़ियों के स्वागत की भव्य तैयारी, चाक-चौबंद सुरक्षा के इंतजाम

सावन का पहला सोमवार आज, शिव मंदिरों में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब -योगी सरकार ने की कांवड़ियों के स्वागत की भव्य तैयारी, चाक-चौबंद सुरक्षा के इंतजाम  -ड्रोन कैमरों, जियो फेंसिंग और हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य योगी सरकार ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए सफाई, पेयजल और आवागमन को लेकर किए बड़े इंतजाम  -वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ और कानपुर जैसे बड़े शहरों से लेकर गांवों तक के शिवालयों में भव्य श्रृंगार   लखनऊ.  ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयघोष से सावन की पावन बेला में समूचा प्रदेश शिवमय हो उठा है। भोलेनाथ की भक्ति

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Published On :

अगस्त 3, 2026

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सावन का पहला सोमवार आज, शिव मंदिरों में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब

-योगी सरकार ने की कांवड़ियों के स्वागत की भव्य तैयारी, चाक-चौबंद सुरक्षा के इंतजाम 

-ड्रोन कैमरों, जियो फेंसिंग और हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य

योगी सरकार ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए सफाई, पेयजल और आवागमन को लेकर किए बड़े इंतजाम 

-वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ और कानपुर जैसे बड़े शहरों से लेकर गांवों तक के शिवालयों में भव्य श्रृंगार
 

लखनऊ.
 ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयघोष से सावन की पावन बेला में समूचा प्रदेश शिवमय हो उठा है। भोलेनाथ की भक्ति में डूबे कांवड़ियों के कंधों पर सजी कांवड़ और श्रद्धालुओं के मन में उमड़ती आस्था, दोनों मिलकर इस सोमवार को अलौकिक बनाएंगे। बाबा भोलेनाथ के प्रति अगाध श्रद्धा ही है कि देर रात से ही श्रद्धालुओं का शिवालयों की ओर पहुंचना शुरू हो गया और अंधेरे में ‘बोल बम’ के उद्घोष गूंजते रहे। बाबा के जलाभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालु और कांवड़िए कतार में खड़े नजर आएंगे। योगी सरकार ने वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ, बागपत, कानपुर, आगरा और संभल सहित कई जिलों में सुरक्षा, सफाई, पेयजल और आवागमन को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

रात से ही उमड़ने लगे श्रद्धालु
आस्था का यह ज्वार सोमवार सुबह से पहले ही दिखने लगा। कानपुर के परमट स्थित ऐतिहासिक आनंदेश्वर मंदिर में रविवार को भी भक्तों की भीड़ रही। इस बार यहां लगभग 3 लाख से अधिक शिवभक्तों के पहुंचने का अनुमान है। बागपत के प्राचीन परशुरामेश्वर (पुरा महादेव) मंदिर में भी रविवार रात से ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया, जबकि मेरठ के औघड़नाथ और सिद्धपीठ बाबा बिल्वेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सोमवार तड़के चार बजे मंगला आरती के साथ जलाभिषेक होगा, जहां 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। बिल्वेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी हरीशचंद जोशी के अनुसार, मंगला आरती के बाद भगवान शिव का विशेष श्रृंगार होगा और उसके तुरंत बाद जलाभिषेक शुरू कराया जाएगा। 

भव्य श्रृंगार और अनूठी परंपराएं
वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया है, जहां बाबा का 'शंकर स्वरूप' श्रृंगार होगा और श्रद्धालुओं-कांवड़ियों का स्वागत पुष्प वर्षा से किया जाएगा। गोरखपुर में पर्यटन विकास योजनाओं के तहत मानसरोवर, मुक्तेश्वरनाथ, मुंजेश्वरनाथ, पितेश्वरनाथ और मोटेश्वर महादेव जैसे शहर और गांव, दोनों के शिवालयों का कायाकल्प हुआ है। संभल जिले की तहसील चन्दौसी स्थित लगभग 118 वर्ष पुराने प्राचीन पातालेश्वर शिव मंदिर में भी विशेष तैयारियां हैं, जहां सावनभर 50 हजार से 1 लाख तक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस मंदिर की खास पहचान झाड़ू चढ़ाने की सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे लेकर मान्यता है कि इससे भोलेनाथ की कृपा से कायिक-मानसिक कष्ट दूर होते हैं।

चाक-चौबंद सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए हर जिले में खास तकनीक और जनबल तैनात किया गया है। वाराणसी में एंटी ड्रोन प्रणाली और जियो फेंसिंग के साथ शहर को 5 जोन व 15 सेक्टरों में बांटकर करीब 5,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, वहीं प्रयागराज-वाराणसी राजमार्ग की एक लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रखी गई है। मेरठ और बागपत के पुरा महादेव मंदिर परिसर व कांवड़ मार्ग पर पीएसी और आरएएफ सहित 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं, बैरिकेडिंग की गई है और ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी होगी। कानपुर के आनंदेश्वर मंदिर में इस बार हर सेवादार और कर्मचारी के लिए जूना अखाड़ा व पुलिस की मुहर वाला फोटो पास अनिवार्य किया गया है। जाजमऊ के सिद्धनाथ, नवाबगंज के जागेश्वर महादेव और पीरोड के बनखंडेश्वर मंदिर में भी बैरिकेडिंग और सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। संभल में भी रूट डायवर्जन और छह पुलिस चौकियां 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी।

महिला शिवभक्तों के लिए विशेष प्रबंध
प्रयागराज में शिव भक्ति के साथ नारी शक्ति की भी बड़ी सहभागिता देखने को मिल रही है, जहां बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त गंगा-यमुना का जल लेकर काशी के लिए प्रस्थान कर रही हैं। इसके लिए घाटों पर विशेष व्यवस्था के साथ महिला पुलिस फोर्स और आपदा सखियों को तैनात किया गया है, जो मार्गों में महिला श्रद्धालुओं की हर संभव मदद करेंगी।

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