Trump Tariff ने अमेरिका को दिया फायदा, ट्रंप के $2000 के वादे की सच्चाई क्या है?

वाशिंगटन साल 2025 खत्म हो गया है और इस साल कई मुद्दे सुर्खियों में रहे हैं. फिर बात ग्लोबल टेंशन की हो या फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ से बने ट्रेड वॉर के हालातों की हो. ट्रंप टैरिफ साल से सबसे चर्चित टॉपिक में सबसे ऊपर रहा है. अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी की कड़ी आलोचना भी हुई, लेकिन ट्रंप ने इसे देश के हित में बताते हुए दावा किया कि यह अमेरिकियों के लिए खरबों डॉलर ला रहा है. यही नहीं उन्होंने तो टैरिफ रेवेन्यू से लगभग हर अमेरिकी को डिविडेंड

Wrriten By :

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Published On :

जनवरी 1, 2026

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वाशिंगटन

साल 2025 खत्म हो गया है और इस साल कई मुद्दे सुर्खियों में रहे हैं. फिर बात ग्लोबल टेंशन की हो या फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ से बने ट्रेड वॉर के हालातों की हो. ट्रंप टैरिफ साल से सबसे चर्चित टॉपिक में सबसे ऊपर रहा है. अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी की कड़ी आलोचना भी हुई, लेकिन ट्रंप ने इसे देश के हित में बताते हुए दावा किया कि यह अमेरिकियों के लिए खरबों डॉलर ला रहा है. यही नहीं उन्होंने तो टैरिफ रेवेन्यू से लगभग हर अमेरिकी को डिविडेंड के रूप में 2000 डॉलर देने का वादा भी किया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि Trump Tariff के अमेरिका को कितनी कमाई हुई है? क्या नए साल में ट्रंप अपने 2000 डॉलर वाले वादे को पूरा करेंगे? आइए समझते हैं… 

ट्रंप का Tariff ऐलान और दुनिया में हड़कंप 
डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल 2025 से भारत, चीन, ब्राजील समेत कई देशों पर भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ यानी पारस्परिक टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति की इस टैरिफ पॉलिसी का उद्देश्य दरअसल अमेरिकी उत्पादों पर अन्य देशों द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ के जवाब में बराबर का टैक्स लगाना था और इसे उन्होंने 'लिबरेशन-डे' करार दिया था. इसके बाद कुछ देशों पर लागू टैरिफ कम भी किए गए, तो कुछ पर बढ़ा दिए गए. भारत पर तो इसे दोगुना करते हुए 50% करके ब्राजील की कैटेगरी में खड़ा कर दिया गया. इस बीच चीन के साथ टैरिफ का ऐसा गेम चला कि दुनिया की टेंशन बढ़ गई और Trade War की स्थिति पैदा हो गई थी. हालांकि, बीते दिनों ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात के बाद से शांति नजर आई है. 

'जो टैरिफ के खिलाफ वो मूर्ख'
न सिर्फ तमाम देशों, बल्कि विश्लेषकों ने भी ट्रंप के इस रेसिप्रोकल टैरिफ की जमकर आलोचना की, लेकिन दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे अमेरिका को और अमीर बनाने का जरिया बताया. ट्रंप ने टैरिफ के फायदे गिनाते हुए कहा था कि US Tariff की आलोचना करने वाले 'मूर्ख' हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि अमेरिकी किसानों को तो अमीर बना ही रहा है, बल्कि ट्रंप ने एक पोस्ट के जरिए ये भी कहा था कि टैरिफ से आ रहे रेवेन्यू से अमेरिका को खरबों डॉलर की इनकम हो रही है. 

ट्रंप ने किया था ये बड़ा वादा
Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी एक पोस्ट में ये भी कहा था कि टैरिफ से आ रहे रेवेन्यू का उपयोग अमेरिका पर मौजूद राष्ट्रीय ऋण का भुगतान शुरू करने के लिए भी किया जा सकता है, जो अब करीब 38 ट्रिलियन डॉलर हो गया है. इसके साथ ही ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान करते हुए ये वादा तक कर दिया था कि US Tariff Revenue से लगभग सभी अमेरिकियों (हाई इनकम वाले लोगों को छोड़कर) को टैरिफ डिविडेंड के हिस्से के रूप में 2,000 डॉलर का पेमेंट किया जाएगा. हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया था कि पेमेंट कैसे और कब होगा? 

टैरिफ से US की कितनी कमाई?
अब बात करें, डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में तमाम देशों पर लगाए गए US Tariff से अमेरिका को होने वाली अब तक की कमाई के बारे में, तो इसका आधिकारिक आंकड़ा तो अभी तक जारी नहीं किया गया है. लेकिन यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, 2025 में टैरिफ से 15 दिसंबर तक अमेरिका को 200 अरब डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू प्राप्त हो चुका है. अन्य मीडिया रिपोर्ट में भी इसी आंकड़े के आस-पास अनुमानित टैरिफ कमाई बताई जा रही है. 

इंडिपेंडेंट टैक्स पॉलिसी थिंक टैंक 'The Tax Foundation' के अनुमान के मुताबिक टैरिफ से अक्टूबर 2025 तक ही अमेरिका ने 205 अरब डॉलर जुटा लिए थे. वहीं अमेरिका को ट्रंप टैरिफ से 2026 में 207.5 अरब डॉलर का रेवेन्यू प्राप्त होने की उम्मीद है. 

क्या पूरा होगा $2000 वाला वादा? 
भले ही ट्रंप टैरिफ के जरिए जोरदार रेवेन्यू आ रहा है, लेकिन Donald Trump के हर अमेरिकी को 2000 डॉलर दिए जाने के वादे में कई बाधाएं भी मौजूद हैं. ओहियो के सीनेटर बर्नी मोरेनो समेत कई रिपब्लिकन सांसदों ने इस प्रस्ताव और इसके कांग्रेस से पारित होने की संभावना पर संदेह जताया है. उनका भी कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति टैरिफ से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल देश के भारी-भरकम कर्ज को कम करने में करना पसंद करेंगे. 

व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने बीते 21 दिसंबर को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि नए साल 2026 में राष्ट्रपति इसे लागू करने के लिए कांग्रेस के समक्ष एक प्रस्ताव लाएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय खर्च पर कांग्रेस का नियंत्रण है और प्रोत्साहन राशि के लिए पर्याप्त रकम आवंटित करने के लिए एक विधेयक तैयार करके पारित कराना होगा.

 

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