जलेबी की मिठास और सांस्कृतिक झलक: फरीदाबाद में सूरजकुंड मेला शुरू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल

फरीदाबाद  गोहाना की जलेबी की मिठास के साथ सूरजकुंड में 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव शुरू हो गया है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को 'लोकल से ग्लोबल- आत्मनिर्भर भारत' थीम पर आधारित इस मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और राज्य के विरासत एवं पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के फरीदाबाद के सूरजकुंड पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलित करते हुए महोत्सव की शुरुआत की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने सूरजकुंड अंतरराष्‍ट्रीय शिल्प मेला पर आधारित एक ऐप

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Published On :

जनवरी 31, 2026

फरीदाबाद 

गोहाना की जलेबी की मिठास के साथ सूरजकुंड में 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव शुरू हो गया है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को 'लोकल से ग्लोबल- आत्मनिर्भर भारत' थीम पर आधारित इस मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और राज्य के विरासत एवं पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के फरीदाबाद के सूरजकुंड पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलित करते हुए महोत्सव की शुरुआत की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने सूरजकुंड अंतरराष्‍ट्रीय शिल्प मेला पर आधारित एक ऐप को भी लॉन्च किया।

बाद में उपराष्ट्रपति समेत मंच पर उपस्थित अतिथियों को गोहाना की जलेबी खिलाई गई। सूरजकुंड मेले के उद्घाटन के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध लोक कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों ने प्रस्तुति दी। यह मेला 15 फरवरी तक चलेगा। यह आयोजन हरियाणा पर्यटन निगम और केंद्रीय पर्यटन, वस्त्र, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।
सीएम नायब सिंह सैनी ने उद्घाटन समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी कला और शिल्प के उस महाकुंभ में साक्षी बनने जा रहे हैं, जिनकी न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे विश्व में एक विशेष पहचान है। मैं इस मेले के भव्य उद्घाटन समारोह में अभिनंदन करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेला हमारी प्राचीनता और आधुनिकता का संगम है। यहां हम उस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो पिछले 38 वर्षों में कला और संस्कृति को जीवंत रखे हुए है। 39वें कार्यक्रम की थीम 'लोकल टू ग्लोबल' देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने का प्रतिबिंब है, जिसमें भारत के हर कोने में बैठे हुए हुनरमंद हाथ को वैश्विक बाजार से जोड़ना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर का अर्थ सिर्फ आर्थिक स्वतंत्रता नहीं है, इसमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना, अपनी विरासत को सहेजना और उसे दुनिया के सामने पेश करना भी शामिल है। सूरजकुंड मेला इसी आत्मनिर्भरता का जीता-जागता प्रमाण है।

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