राज्य सरकार ने महिला उद्यमिता को दिया बड़ा बढ़ावा, मुख्यमंत्री यादव का बयान

राज्य सरकार ने महिला उद्यमिता को दिया बड़ा बढ़ावा- मुख्यमंत्री यादव एमएसएमई विकास नीति : 2025 ने महिलाओं को बनाया आत्म निर्भर स्टार्ट-अप नीति ने महिला उद्यमियों के सपनों को दी उड़ान भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को मध्यप्रदेश सरकार ने साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अगुवाई में एमएसएमई विकास नीति : 2025 और स्टार्ट-अप नीति : 2025 ने महिलाओं को उद्यमी बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश की नीतियों में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और योजनाओं के कारण ही 24 लाख 34 हजार सूक्ष्म, लघु एवं

Wrriten By :

Editor

Published On :

अप्रैल 10, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

राज्य सरकार ने महिला उद्यमिता को दिया बड़ा बढ़ावा- मुख्यमंत्री यादव

एमएसएमई विकास नीति : 2025 ने महिलाओं को बनाया आत्म निर्भर

स्टार्ट-अप नीति ने महिला उद्यमियों के सपनों को दी उड़ान

भोपाल 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को मध्यप्रदेश सरकार ने साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अगुवाई में एमएसएमई विकास नीति : 2025 और स्टार्ट-अप नीति : 2025 ने महिलाओं को उद्यमी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

मध्यप्रदेश की नीतियों में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और योजनाओं के कारण ही 24 लाख 34 हजार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम में से 4.11 लाख यानि 17 फीसदी इकाइयाँ महिलाओं द्वारा संचालित हैं। गत वर्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लोकार्पित स्टार्ट-अप नीति में  7264 में से 3476 यानि 48 स्टार्ट-अप महिलाओं के हैं। मध्यप्रदेश की यह तस्वीर राज्य सरकार की देश में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराता है। इससे स्पष्ट है कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत का सपना मध्यप्रदेश में साकार हो रहा है।

मध्यप्रदेश की एमएसएमई विकास नीति : 2025 में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अब उन महिला उद्यमियों को जो संयंत्र और मशीनरी में निवेश कर रही हैं, उन्हें ₹10 करोड़ तक के निवेश पर अधिकतम 48 प्रतिशत तक की पूंजी अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए यह दर अधिकतम 50 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत है। इस नीति से मार्च 2026 तक 24.34 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों में से करीब 4.11 लाख  महिलाओं द्वारा स्थापित की गई हैं।

इसके अतिरिक्त स्टार्ट-अप नीति एवं कार्यान्वयन योजना : 2025 में महिलाओं द्वारा स्थापित स्टार्ट-अप को 18% वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रति ट्रॉच 18 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है और कुल सहायता 72 लाख रुपये तक हो सकती है। अन्य स्टार्ट-अप के लिए यह सीमा 15% या 15 लाख रुपये है। अब तक 7264 मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप में से 3476 मतलब 48 फीसदी महिला उद्यमियों द्वारा चलाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश शासन के इन कदमों से महिला सशक्तिकरण में नई ऊंचाइयां हासिल हो रही हैं।

 

Leave a Comment

2