सूर्यास्त के बाद मकर संक्रांति का महत्व: ये काम करें शुभ, इन गलतियों से बचें

मकर संक्रांति का पर्व हर साल माघ माह में सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. आज मकर संंक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं. उत्तरायण का काल देवताओं का माना जाता है, इसलिए मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान का बहुत विशेष महत्व माना गया है. इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और जप-तप करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होते हैं. मकर संक्रांति के दिन उत्तर भारत के अधिकतर

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 15, 2026

मकर संक्रांति का पर्व हर साल माघ माह में सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. आज मकर संंक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं. उत्तरायण का काल देवताओं का माना जाता है, इसलिए मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान का बहुत विशेष महत्व माना गया है. इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है.

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और जप-तप करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होते हैं. मकर संक्रांति के दिन उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में खिचड़ी खाई जाती है, इसलिए इसे खिचड़ी भी कहा जाता है. मकर संक्रांति के दिन सूर्यास्त के बाद का समय भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. धर्म शास्त्रों में बताया गया है मकर संक्रांति के दिन सूर्यास्त के समय कुछ काम करने बहुत शुभ होते हैं. साथ ही कुछ गलतियों से बचने के लिए भी कहा गया है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

मकर संक्रांति पर सूर्यास्त के बाद क्या करना होता है शुभ?

मकर संक्रांति के दिन सूर्यास्त के बाद शाम के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. इस दिन शाम के समय मंदिर या पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए. इस दिन सूर्यास्त के बाद शाम को लड्डू गोपाल के सामने घी का एक अखंड दापक जलाना चाहिए. ऐसा करने से परिवार में सुख-शांति आती है. इस दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन शाम को तुलसी के पास भी दीपक अवश्य जलाएं. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

मकर संक्रांति पर न करें ये गलतियां

मकर संक्रांति के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए. इस दिन भूलकर भी बड़ों का अपमान नहीं करना चाहिए. इस दिन मांस-मछली, शराब और लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन के सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन झूठ, क्रोध और कटु वाणी बोलने से बचना चाहिए. व्यवहार में सयंम रखना चाहिए.

Leave a Comment