रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर हुई 11, इनमें 6 का जन्म हुआ माधव टाइगर रिजर्व में

भोपाल मध्यप्रदेश में बाघ संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। माधव टाइगर रिजर्व (शिवपुरी) की बाघिन MT3 को लगभग तीन माह के दो शावकों के साथ देखा गया है। यह इस बाघिन का दूसरा प्रसव है। इसके साथ ही 10 मार्च 2023 को शुरू हुए बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम के बाद माधव टाइगर रिजर्व में बाघों का तीसरा प्रसव दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की स्थायी और प्रजननशील आबादी विकसित करने की दिशा में हो रही प्रगति को दर्शाती है। बाघों की सफल प्रजनन प्रक्रिया रिजर्व में अनुकूल वन्यजीव

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Published On :

अक्टूबर 24, 2026

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भोपाल

मध्यप्रदेश में बाघ संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। माधव टाइगर रिजर्व (शिवपुरी) की बाघिन MT3 को लगभग तीन माह के दो शावकों के साथ देखा गया है। यह इस बाघिन का दूसरा प्रसव है। इसके साथ ही 10 मार्च 2023 को शुरू हुए बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम के बाद माधव टाइगर रिजर्व में बाघों का तीसरा प्रसव दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की स्थायी और प्रजननशील आबादी विकसित करने की दिशा में हो रही प्रगति को दर्शाती है। बाघों की सफल प्रजनन प्रक्रिया रिजर्व में अनुकूल वन्यजीव आवास और संरक्षण प्रयासों के महत्व को भी रेखांकित करती है।

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बाघिन MT3 ने इससे पहले भी दो शावकों—एक नर और एक मादा—को जन्म दिया था। ये दोनों शावक अब लगभग 28 माह के हो चुके हैं। नए शावकों के जन्म के साथ माधव टाइगर रिजर्व शिवपुरी में अब दो प्रसव योग्य बाघिनें और यहीं जन्मे 6 बाघ हो गए हैं। रिजर्व में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है।

माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ वन क्षेत्र के मैदानी अमले, पशु चिकित्सा दल, रिजर्व प्रबंधन और वरिष्ठ नेतृत्व के निरंतर प्रयासों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। बाघों का तीसरा प्रसव दर्ज होना प्रदेश में बाघ पुनर्स्थापना और संरक्षण कार्यक्रम के लिए उत्साहजनक उपलब्धि है।