नई व्यवस्था से बदलेंगे गाड़ी नंबर के नियम, ‘लकी नंबर’ पर नहीं होगा कोई असर

इंदौर   अब गाड़ी बदलने पर अपना पसंदीदा या लकी नंबर खोने की चिंता खत्म होने वाली है। परिवहन विभाग ऐसी नई व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नई गाड़ी पर आसानी से ट्रांसफर कर सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा नियमों में तो है, लेकिन जटिल प्रक्रिया और कागजी झंझट के कारण कम ही लोग इसका फायदा उठा पाते हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी है। प्रस्ताव के मुताबिक करीब तय शुल्क देकर वाहन मालिक अपने नंबर को सुरक्षित रख सकेंगे और बाद में नई गाड़ी पर उसी नंबर

Wrriten By :

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Published On :

अप्रैल 16, 2026

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इंदौर 

 अब गाड़ी बदलने पर अपना पसंदीदा या लकी नंबर खोने की चिंता खत्म होने वाली है। परिवहन विभाग ऐसी नई व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नई गाड़ी पर आसानी से ट्रांसफर कर सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा नियमों में तो है, लेकिन जटिल प्रक्रिया और कागजी झंझट के कारण कम ही लोग इसका फायदा उठा पाते हैं।

नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी है। प्रस्ताव के मुताबिक करीब तय शुल्क देकर वाहन मालिक अपने नंबर को सुरक्षित रख सकेंगे और बाद में नई गाड़ी पर उसी नंबर को फिर से हासिल कर पाएंगे। विभाग ने यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।

अभी नई गाड़ी, नया नंबर
अभी की स्थिति में यदि कोई व्यक्ति अपना पुराना नंबर नई गाड़ी पर लेना चाहता है, तो उसे पहले पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराना होता है और फिर लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यही वजह है कि अधिकांश लोग नया नंबर ही स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन प्रस्तावित सिस्टम में वाहन बेचने या स्क्रैप कराने के बाद आरटीओ में आवेदन देकर नंबर सुरक्षित रखा जा सकेगा। नई गाड़ी खरीदने के बाद यदि वही नंबर फिर से लेना है तो निर्धारित शुल्क चुकाकर इसे अलॉट कराया जा सकेगा। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति उस नंबर को स्थायी रूप से अपने नाम रखना चाहता है, तो इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।

वीआइपी नंबर वालों को फायदा
इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो वीआइपी, फैंसी या लकी नंबर के शौकीन हैं। कई लोग अपने वाहन नंबर को स्टेटस सिंबल की तरह देखते हैं, ऐसे में यह सुविधा उनके लिए खास साबित होगी। इसके लिए वह नीलामी में हजारों रुपए खर्च भी कर देते हैं। फिलहाल यह प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। अंतिम नियम और शर्तें नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी, लेकिन इतना तय है कि लागू होने के बाद वाहन मालिकों के लिए नंबर ट्रांसफर की राह काफी आसान हो जाएगी।

ड्राइविंग लाइसेंस के फिजिकल कार्ड बनना बंद !
ग्वालियर में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। वर्ष 2024 में स्मार्ट चिप कंपनी का ठेका समाप्त होने के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन (आरसी) के फिजिकल कार्ड बनना बंद हो गए हैं। इसके बावजूद विभाग आवेदकों से कार्ड के नाम पर शुल्क वसूल रहा है और डिजिटल कार्ड बनाकर दे रहा है। जानकारी के अनुसार, ठेका समाप्त होने के बाद अब तक नई कंपनी के साथ अनुबंध नहीं हो सका है। ऐसे में परिवहन विभाग डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जारी कर रहा है, जिन्हें मोबाइल एप या प्रिंट के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

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