महाकुंभ वाले IIT बाबा अभय सिंह अब गृहस्थ बने, विज्ञान और सनातन के मेल से छाए थे

झज्जर. हरियाणा के जिला झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले और प्रयागराज महाकुंभ मेले में प्रसिद्ध हुए आईआईटी बाबा अभय ने शादी की। शादी के बंधन में बंधने के बाद आज (सोमवार) वे अपने झज्जर वाले घर पहुंचे। उन्होंने 15 फरवरी को शिवरात्रि शुभ अवसर पर शादी की। इसके बाद उन्होंने 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की। आखिर महाकुंभ में क्यों चर्चा में आए अभय सिंह? देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने वैराग्य का मार्ग चुना। अपनी वेशभूषा, बल्कि अपनी तार्किक क्षमता और जीवन के प्रति नजरिये के कारण फेमस हुए।

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Published On :

अप्रैल 7, 2026

झज्जर.

हरियाणा के जिला झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले और प्रयागराज महाकुंभ मेले में प्रसिद्ध हुए आईआईटी बाबा अभय ने शादी की। शादी के बंधन में बंधने के बाद आज (सोमवार) वे अपने झज्जर वाले घर पहुंचे। उन्होंने 15 फरवरी को शिवरात्रि शुभ अवसर पर शादी की। इसके बाद उन्होंने 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की।

आखिर महाकुंभ में क्यों चर्चा में आए अभय सिंह?
देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने वैराग्य का मार्ग चुना। अपनी वेशभूषा, बल्कि अपनी तार्किक क्षमता और जीवन के प्रति नजरिये के कारण फेमस हुए। उन्होंने आईआईटी जैसे संस्थान से स्नातक करने के बाद विदेश में मिलने वाले करोड़ों के वेतन और ऐशो-आराम की जिंदगी को ठुकरा दिया।उनका यह निर्णय आज के उस युवा वर्ग को हैरान कर रहा है जो सफलता का पैमाना केवल आर्थिक समृद्धि को मानता है।

प्रवचनों में केवल पौराणिक कथाएं नहीं होतीं, बल्कि वे धर्म को विज्ञान की कसौटी पर कसकर समझाते हैं। वे क्वांटम फिजिक्स से लेकर न्यूरोसाइंस तक के उदाहरणों के माध्यम से सनातन धर्म की वैज्ञानिकता को सिद्ध करते हैं, जो शिक्षित युवाओं को खासा प्रभावित कर रहा है। उनके पास न तो कोई बड़ा तामझाम था और न ही वीआईपी संस्कृति का दिखावा। उनकी सरलता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरी। उन्होंने मानसिक शांति और अवसाद से मुक्ति के लिए आध्यात्मिक मार्ग को वैज्ञानिक तरीके से सुझाया

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