ऐतिहासिक गोंड महल को पर्यटक आकर्षण में बदला जाएगा, जगदीशपुर में मिलेगा लग्जरी अनुभव

भोपाल  इतिहास, स्थापत्य कला और विरासत को आधुनिक पर्यटन से जोड़ने की दिशा में मध्य प्रदेश में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजधानी भोपाल के पास स्थित गोंड महल को अब आलीशान हेरिटेज होटल में बदला जाएगा। करीब 400 साल पुरानी यह ऐतिहासिक इमारत जल्द ही नए स्वरूप में पर्यटकों का स्वागत करती नजर आएगी। मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और विकास की योजना पर काम कर रहा है। निगम महल के हस्तांतरण, सुंदरीकरण और संचालन के लिए निजी साझेदार की तलाश में जुटा है, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते

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Published On :

मई 8, 2026

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भोपाल
 इतिहास, स्थापत्य कला और विरासत को आधुनिक पर्यटन से जोड़ने की दिशा में मध्य प्रदेश में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजधानी भोपाल के पास स्थित गोंड महल को अब आलीशान हेरिटेज होटल में बदला जाएगा। करीब 400 साल पुरानी यह ऐतिहासिक इमारत जल्द ही नए स्वरूप में पर्यटकों का स्वागत करती नजर आएगी।

मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और विकास की योजना पर काम कर रहा है। निगम महल के हस्तांतरण, सुंदरीकरण और संचालन के लिए निजी साझेदार की तलाश में जुटा है, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे विश्वस्तरीय हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जा सके।

गोंड और राजपूत स्थापत्य का अद्भुत संगम
भोपाल से करीब 15 किलोमीटर दूर बैरसिया रोड स्थित जगदीशपुर (पूर्व नाम इस्लाम नगर) का यह महल लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित है और गोंड व राजपूत स्थापत्य शैली का शानदार उदाहरण माना जाता है।

तीन मंजिला इस भव्य इमारत की खासियतें इसे बेहद खास बनाती हैं:

– विशाल केंद्रीय आंगन

– मेहराबदार बरामदे

– अलंकृत लकड़ी के स्तंभ

– प्राचीन हम्माम (भाप स्नान)

– जल पंप और अस्तबल

– छोटी गौशाला

– जालीदार खिड़कियां और पुष्प आकृतियां

महल आज भी अपनी ऐतिहासिक भव्यता और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है।

इतिहास के पन्नों से जुड़ा जगदीशपुर
जगदीशपुर का इतिहास 15वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है। इस किलेबंद बस्ती की स्थापना गोंड शासकों ने की थी और वर्ष 1715 तक यहां गोंड राजाओं का शासन रहा। बाद में भोपाल रियासत के संस्थापक दोस्त मोहम्मद खान ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर इसका नाम बदलकर इस्लाम नगर कर दिया था।

वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने इसका ऐतिहासिक नाम पुनः बहाल करते हुए इसे फिर से जगदीशपुर नाम दिया।

भोपाल की दूसरी हेरिटेज होटल परियोजना
गोंड महल भोपाल संभाग की दूसरी ऐतिहासिक इमारत होगी जिसे हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे पहले सदर मंजिल को होटल में बदला जा चुका है। वहीं मिंटो हाल को कन्वेंशन सेंटर और मोती महल को संग्रहालय के रूप में नया स्वरूप दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गोंड महल को हेरिटेज होटल में बदलने से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान भी वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।

 

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