31 देशों की यात्रा अधूरी रह गई, पेरू में बाइक क्रैश के बाद ‘फ्लाइंग खालसा’ ने मम्मी से किया घर लौटने का वादा

बठिंडा इन दिनों भारत में भी लोगों के भीतर ट्रैवलिंग का क्रेज बढ़ गया है. लोग देश से लेकर दुनिया तक ट्रैवल कर रहे हैं. बाइक ट्रैवलिंग का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है. साथ ही लोग ट्रैवल ब्लॉगिंग भी कर रहे हैं. देश भर में ट्रैवल ब्लॉगर में से एक मशहूर ‘फ्लाइंग खालसा’ रघबीर सिंह भरौवाल का नाम है. उनका सपना था 31 देशों में बाइक से घूमने का. लेकिन यह सपना अधूरा रह गया. पंजाब के बठिंडा के रहने वाले रघबीर की मौत पेरू के त्रुजिलो शहर के पास एक हादसे में हो गई है. उन्होंने अपनी हार्ले

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Published On :

मार्च 5, 2026

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बठिंडा
इन दिनों भारत में भी लोगों के भीतर ट्रैवलिंग का क्रेज बढ़ गया है. लोग देश से लेकर दुनिया तक ट्रैवल कर रहे हैं. बाइक ट्रैवलिंग का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है. साथ ही लोग ट्रैवल ब्लॉगिंग भी कर रहे हैं. देश भर में ट्रैवल ब्लॉगर में से एक मशहूर ‘फ्लाइंग खालसा’ रघबीर सिंह भरौवाल का नाम है. उनका सपना था 31 देशों में बाइक से घूमने का. लेकिन यह सपना अधूरा रह गया. पंजाब के बठिंडा के रहने वाले रघबीर की मौत पेरू के त्रुजिलो शहर के पास एक हादसे में हो गई है. उन्होंने अपनी हार्ले पर सफर शुरू किया. सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए. मुस्कुराते हुए. जोश से भरे हुए. लेकिन पेरू में उनका सपना टूट गया. मां से किया घर लौटने का वादा भी अधूरा रह गया.

रिपोर्ट के अनुसार कनाडा के सरे में बसे रघबीर तीन बच्चों के पिता थे. रघबीर पेशे से रेगुलेटेड कनाडियन इमिग्रेशन कंसल्टेंट थे. उन्होंने अपनी पढ़ाई पंजाब से की थी. सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक., फिर ऑन्टारियो के विंडसर शहर से एमटेक. बाद में कनाडाई नागरिकता मिली. परिवार ने बताया कि तीन दिन पहले उन्होंने फोन कर कहा था कि वह कनाडा लौट रहे हैं, फिर अर्जेंटीना के लिए निकलेंगे. उसके बाद संपर्क टूट गया. GPS लोकेशन पेरू के त्रुजिलो में आखिरी बार दिखी. स्थानीय पुलिस ने हादसे की पुष्टि की.

कौन थे रघबीर सिंह भरौवाल?
रघबीर सिंह भरौवाल मूल रूप से बठिंडा के निवासी थे और कनाडा के सरे में रहते थे. उनके पिता प्रीतम सिंह भरौवाल इस समय लुधियाना में एक पारिवारिक कार्यक्रम में आए हुए थे, जब दुखद खबर मिली. परिवार के मुताबिक रघबीर साहसी स्वभाव के थे और लंबे समय से वर्ल्ड टूर का सपना देख रहे थे. उन्होंने अपनी इस यात्रा को ‘फ्लाइंग खालसा वर्ल्ड टूर’ नाम दिया था और 31 देशों की लिस्ट बनाई थी.

    रघबीर ने अपनी यात्रा के दौरान रेगुलर रूप से वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं. वैंकूवर निवासी उनके दोस्त गुरविंदर सिंह ने बताया कि टूर पर निकलने से पहले एबॉट्सफोर्ड शहर में एक पिज्जा स्टोर के उद्घाटन पर दोस्तों के साथ मुलाकात हुई थी. रघबीर ने अपनी पिछली बाइक यात्राओं के किस्से सुनाए थे. किसी ने नहीं सोचा था कि वह आखिरी मुलाकात होगी.

    परिवार ने जब कई दिनों तक संपर्क नहीं हुआ तो दूतावासों से संपर्क किया. GPS ट्रैकिंग से लोकेशन पेरू में मिली. त्रुजिलो पुलिस से बात की गई. मंगलवार तड़के जानकारी मिली कि एक घातक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई. यह खबर सुनते ही परिवार और दोस्तों में शोक की लहर दौड़ गई.

रघबीर सिंह भरौवाल किस यात्रा पर थे?
रघबीर ‘फ्लाइंग खालसा वर्ल्ड टूर’ नाम से 31 देशों की सोलो मोटरसाइकिल यात्रा पर निकले थे. उन्होंने करीब तीन महीने पहले कनाडा से अपनी हार्ले डेविडसन पर सफर शुरू किया था. योजना थी कि कुछ समय के लिए कनाडा लौटकर फिर अर्जेंटीना की ओर बढ़ेंगे. यह यात्रा उनके लिए जुनून और आत्मविश्वास का प्रतीक थी.

हादसा कैसे सामने आया?
तीन दिन तक संपर्क न होने पर परिवार ने चिंता जताई. उन्होंने दूतावासों से संपर्क किया और GPS लोकेशन ट्रैक की. अंतिम लोकेशन पेरू के त्रुजिलो शहर में मिली. स्थानीय पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई. विस्तृत परिस्थितियों की जांच जारी है.

परिवार और दोस्तों की क्या प्रतिक्रिया रही?
परिवार गहरे सदमे में है. पिता ने बताया कि रघबीर ने हाल ही में घर लौटने की बात कही थी. दोस्त गुरविंदर सिंह ने कहा कि वह बेहद जिंदादिल और प्रेरणादायक व्यक्ति थे. सोशल मीडिया पर उनके समर्थक और परिचित श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उन्हें साहसी यात्री के रूप में याद कर रहे हैं.

अधूरा सपना, यादों में जिंदा ‘फ्लाइंग खालसा’
रघबीर सिंह भरौवाल का 31 देशों का सपना अधूरा रह गया, लेकिन उनकी हिम्मत और जज्बा कई युवाओं को प्रेरित करता रहेगा. परिवार अब उनके पार्थिव शरीर को कनाडा लाने की प्रक्रिया में जुटा है. हो सकता है सफर रुक गया हो, लेकिन ‘फ्लाइंग खालसा’ की कहानी दुनिया घूमने का साहस रखने वालों के लिए हमेशा जिंदा रहेगी.

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