उपमुख्यमंत्री ने बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर रिया का किया सम्मान

रायपुर. बिहार की राजधानी पटना में 25 से 29 दिसंबर तक आयोजित साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हाँसिल किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित चार देशों की टीमों ने भाग लिया था। इस चैंपियनशिप में भारत की विजेता टीम का हिस्सा बनकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली कवर्धा की होनहार खिलाड़ी सुश्री रिया तिवारी का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सम्मान किया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने रिया को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उपलब्धि की सराहना की तथा उज्ज्वल

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Published On :

जनवरी 6, 2026

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रायपुर.

बिहार की राजधानी पटना में 25 से 29 दिसंबर तक आयोजित साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हाँसिल किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित चार देशों की टीमों ने भाग लिया था।

इस चैंपियनशिप में भारत की विजेता टीम का हिस्सा बनकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली कवर्धा की होनहार खिलाड़ी सुश्री रिया तिवारी का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सम्मान किया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने रिया को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उपलब्धि की सराहना की तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि रिया तिवारी की यह उपलब्धि न केवल कवर्धा जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रिया ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिया भविष्य में भी देश के लिए अनेक पदक जीतेंगी और प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकें।

रिया ने कहा कि इस सफलता का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता और मेरे कोच अविनाश चौहान एवं जय किशन को जाता है। उनके निरंतर मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं हो पाती। हर कठिन समय में उन्होंने मेरा आत्मविश्वास बनाए रखा और मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी। यह जीत मेरे लिए केवल एक पदक नहीं, बल्कि मेरे खेल जीवन की एक नई शुरुआत है। मैं आगे भी पूरे समर्पण और मेहनत के साथ देश और प्रदेश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करूंगी

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