PM Modi Nari Shakti Vandan Sammelan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में शामिल हुए जहां उनके साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा,भारत की महिलाओं ने अपने ही देश में सम्मान व समान अधिकार पाने के लिए संघर्ष की एक लंबी यात्रा देखी है।भ्रूण हत्या, सती प्रथा, बाल विवाह, अशिक्षा, विधवा होने पर दोबारा विवाह की अनुमति से लेकर पर्दा प्रथा में किस प्रकार से भारत की बेटियों ने बेटी बचाव से लेकर ये सफर शुरू किया और अगला युग बेटियों को पढ़ाने का आया हम बेटी पढ़ाओं के युग में गए।आज हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बेटी बढ़ाओं के युग में प्रवेश कर चुके हैं।
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नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में PM मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,देश की विकास यात्रा के इन अहम पड़ावों के बीच भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक निर्णय लेने जा रहा है।मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि,21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक महत्वपूर्ण निर्णय ये है।ये निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है।नारी शक्ति वंदन को समर्पित है।पीएम मोदी ने कहा,हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है।एक ऐसा नया इतिहास,जो अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा,जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतामूलक हो,जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा न हो बल्कि हमारी कार्य संस्कृति का हमारी निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हो।
16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र का आयोजन
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा,राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय 16,17,18 अप्रैल है। 2023 में नई संसद में हमने नारीशक्ति वंदन अधिनियम के रूप प्रथम कदम उठाया था।वह समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे,इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है और उससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का ये कार्यक्रम,इसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।
“लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरुरत”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा था।चर्चा भी होती थी इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए।इसमें सभी पार्टियों और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं।हर दल ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है।2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था तब भी सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था और तब एक सुर में ये बात भी उठी थी कि,हर हाल में 2029 तक ये लागू हो जाना चाहिए।हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने जोर लगाया था कि 2029 में ये लागू होना चाहिए।
महिलाओं ने देश की गरिमा और गौरव को बढ़ाया-PM
पीएम मोदी ने कहा,मुझे पूरा विश्वास है जिस प्रकार से इस अधिनियम को पारित किया गया था और संसद का गौरव बढ़ा था।इस बार भी सबके सामूहिक प्रयास से संसद की गरीमा और नई ऊंचाइयों को छुएगी…देश की हर नारी को अच्छा लगेगा कि हर दल ने राजनीति से ऊपर उठकर उनके हित में ये महत्वपूर्ण निर्णय लिया है काम किया है।पीएम ने कहा,हमारे देश में राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक महिलाएं जहां भी रही हैं उन्होनें अपनी अलग लिगेसी बनाई है।इस समय भी हमारे देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक ऐसे अहम पद महिलाएं ही संभाल रही हैं। उन्होंने देश की गरिमा और गौरव दोनों को बढ़ाया है।









