ज्वेलरी दुकान पर घूंघट-नकाब बैन नहीं बिहार सरकार का फैसला: JDU

पटना. बिहार में अब हिजाब और नकाब को लेकर विवाद शुरू हो गया है। दरअसल ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने फैसला लिया है कि बिहार में अब हिजाब और नकाब पहन कर दुकान में आनेवाले गहने नहीं खरीद पाएंगे। सर्राफा कारोबारी हिजाब पहनकर आई महिलाओं को सोना-चांदी या किसी अन्य तरह के आभूषण न तो बेचेंगे ना ही उनसे खरीद करेंगे। घूंघट, मास्क या हेलमेट पहनकर दुकान में आने वालों पर भी यह लागू होगा। एआईजेजीएफ के इस फैसले के बाद अब सरकार जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन की भी प्रतिक्रिया आई है। जदयू

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Published On :

जनवरी 8, 2026

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पटना.

बिहार में अब हिजाब और नकाब को लेकर विवाद शुरू हो गया है। दरअसल ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने फैसला लिया है कि बिहार में अब हिजाब और नकाब पहन कर दुकान में आनेवाले गहने नहीं खरीद पाएंगे। सर्राफा कारोबारी हिजाब पहनकर आई महिलाओं को सोना-चांदी या किसी अन्य तरह के आभूषण न तो बेचेंगे ना ही उनसे खरीद करेंगे। घूंघट, मास्क या हेलमेट पहनकर दुकान में आने वालों पर भी यह लागू होगा।

एआईजेजीएफ के इस फैसले के बाद अब सरकार जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन की भी प्रतिक्रिया आई है। जदयू नेता ने साफ किया है कि यह सरकार का फैसला नहीं है बल्कि यह फैसला ज्वेलर्स एसोसिएशन ने लिया है। राजीव रंजन ने कहा कि इस फैसले को लेने के पीछे उनके अपने कारण हैं। दुकान में चोरी की घटनाओं के दौरान उन्हें आरोपियों को पहचानने में परेशानी होती है। जाहिर है जदयू ने हिजाब-नकाब बैन विवाद को लेकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।

बता दें कि ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन की ओर से लिये गये इस फैसले को पूरे राज्य के सर्राफा कारोबारी सदस्यों के लिए अनिवार्य किया गया है। राज्य स्तर पर ऐसा नियम लागू करने वाला बिहार देश का पहला प्रदेश है। एआईजेजीएफ के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अशोक वर्मा के मुताबिक इसके पहले झांसी और जोधपुर के कारोबारियों ने जिला स्तर पर यह लागू किया है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों बुर्का और हिजाब पहने कुछ अपराधियों ने मुंबई में सर्राफा दुकान में लूटपाट की। कई जगहों पर नकाबपोश लूटपाट कर चुके हैं। इसलिए सुरक्षा के ख्याल से यह कदम उठाया गया है। खुले चेहरा वालों की पहचान आसान होता है और सीसीटीवी में भी रिकॉर्ड होता है।

इन वजहों से निर्णय

  • 1. सर्राफा दुकानों पर चेहरा ढककर कोई बदमाश न घुसे
  • 2. नकाब या मास्क पहनकर पूर्व में चोरी या लूटपाट की घटनाएं घटित हो चुकीं हैं
  • 3. दुकान पर खरीदारी करने वाले व्यक्ति की पहचान हो सकेगी

धार्मिक मूल्य से समझौता नहीं : जमात-ए-इस्लामी

इस फैसले पर जमात-ए-इस्लामी हिंद, बिहार के अध्यक्ष मौलाना रिजवान इस्लाही ने कहा कि इस्लाम में महिलाओं के लिए पर्दा का प्रावधान है। मुस्लिम महिलाएं इस पर कायम हैं। यदि हिजाब पहनने वाली महिलाओं को खरीदारी से रोका जाता है तो वे खरीदारी नहीं करेंगी। धार्मिक मूल्यों से कोई भी समझौता नहीं कर सकता है।

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