लखनऊ में 24 नवंबर से सजेगा 45 दिवसीय कतकी मेला, इस बार ठेके की कीमत में 1.84 करोड़ की बढ़ोतरी

लखनऊ  गोमती तट पर झूले लाल वाटिका में 24 नंवबर से सात जनवरी तक कतकी मेला का आयोजन होगा। 45 दिवसीय कतकी मेले के टेंडर में इस बार नगर निगम की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025-26 में जहां मेले का टेंडर 2.77 करोड़ रुपये में हुआ था, वहीं वर्ष 2026-27 के लिए 4.61 करोड़ की बोली को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में टेंडर राशि में लगभग 1.84 करोड़ की यानी 66.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मेसर्स खुशी ट्रेडर्स की वित्तीय बोली को निविदा समिति के सदस्यों की संस्तुति पर नगर आयुक्त गौरव

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Published On :

अक्टूबर 26, 2026

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लखनऊ
 गोमती तट पर झूले लाल वाटिका में 24 नंवबर से सात जनवरी तक कतकी मेला का आयोजन होगा। 45 दिवसीय कतकी मेले के टेंडर में इस बार नगर निगम की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025-26 में जहां मेले का टेंडर 2.77 करोड़ रुपये में हुआ था, वहीं वर्ष 2026-27 के लिए 4.61 करोड़ की बोली को स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में टेंडर राशि में लगभग 1.84 करोड़ की यानी 66.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मेसर्स खुशी ट्रेडर्स की वित्तीय बोली को निविदा समिति के सदस्यों की संस्तुति पर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने मंजूरी प्रदान की है।

नगर निगम के खाते में जमा करनी होगी राशि
निविदा स्वीकृति के बाद संबंधित फर्म को निर्धारित नियमों के अनुसार स्वीकृत धनराशि का 50 प्रतिशत हिस्सा 24 घंटे के भीतर नगर निगम के खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हालांकि, टेंडर के महंगे होने का खामियाजा जनता को झेलना होगा और ठेका पाने वाली एजेंसी वसूलेगी। पहले भी पार्किंग से लेकर झूले तक के मनमाने दाम वसूले जाने से लोगों का मोह भंग हो गया था।

कतकी मेला, जिसे बुड़क्की का मेला या गंगा स्नान मेला भी कहा जाता है, शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मेले की परंपरा अवध के नवाबी दौर से जुड़ी है। यह मेला हिंदू-मुस्लिम सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल माना जाता है।

परंपरागत रूप से कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गोमती नदी में स्नान के साथ मेले की शुरुआत होती है। पहले यह मेला डालीगंज पुल और सूरज कुंड के आसपास आयोजित होता था। समय के साथ इसके आयोजन स्थल में बदलाव आया और अब गोमती तट स्थित झूलेलाल वाटिका में इसका आयोजन किया जाता है।