समंदर में तनाव: जहाज रोकने पर चीन और अमेरिका के बीच हुआ आमना-सामना

वाशिंगटन दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतें अमेरिका और चीन, समंदर में भी आमने-सामने आ गई हैं. ताजा विवाद पनामा झंडे वाले जहाजों को लेकर शुरू हुआ है, जिसने वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर नए खतरे खड़े कर दिए हैं. अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह पनामा-फ्लैग वाले जहाजों को अपने बंदरगाहों पर रोक रहा है और उन्हें जानबूझकर देरी कर रहा है।  अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे "परेशान" या दबाव बनाने की रणनीति बताया. उन्होंने कहा कि चीन के इस कदम से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, लागत बढ़ रही है

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Published On :

अप्रैल 5, 2026

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वाशिंगटन

दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतें अमेरिका और चीन, समंदर में भी आमने-सामने आ गई हैं. ताजा विवाद पनामा झंडे वाले जहाजों को लेकर शुरू हुआ है, जिसने वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर नए खतरे खड़े कर दिए हैं. अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह पनामा-फ्लैग वाले जहाजों को अपने बंदरगाहों पर रोक रहा है और उन्हें जानबूझकर देरी कर रहा है। 

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे "परेशान" या दबाव बनाने की रणनीति बताया. उन्होंने कहा कि चीन के इस कदम से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, लागत बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड सिस्टम पर भरोसा कम हो रहा है। 

आंकड़े भी इस विवाद को और गंभीर बनाते हैं. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च महीने में चीन के बंदरगाहों पर जिन 124 जहाजों को जांच के नाम पर रोका गया, उनमें से 92 यानी करीब 75% पनामा के झंडे वाले जहाज थे. ये जहाज एक दिन से लेकर 10 दिन तक रोके गए. इससे पहले जनवरी और फरवरी में यह आंकड़ा काफी कम था, जो अब अचानक बढ़ गया है। 

पनामा नहर से जुड़ा पूरा विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ पनामा नहर से जुड़ी है. पनामा कनाल दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से भारी मात्रा में वैश्विक व्यापार गुजरता है. हाल ही में पनामा की सुप्रीम कोर्ट ने एक हांगकांग आधारित कंपनी के नियंत्रण वाले दो बड़े पोर्ट टर्मिनल्स का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया था. इसके बाद पनामा ने इन पोर्ट्स पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया। 

अमेरिका लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि चीन इस नहर के जरिए अपना प्रभाव बढ़ा रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो यहां तक कह चुके हैं कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका पनामा नहर पर फिर से नियंत्रण हासिल कर सकता है. ऐसे में चीन द्वारा पनामा-फ्लैग जहाजों को रोकना इस बड़े भू-राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है। 

चीन ने अमेरिका पर पनामा पर कब्जा करने का लगाया आरोप
चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका बेबुनियाद आरोप लगा रहा है और असल में खुद पनामा नहर पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है. पनामा सरकार ने इस विवाद को शांत करने की कोशिश की है. विदेश मंत्री ने माना कि जहाजों को रोके जाने के मामले बढ़े हैं, लेकिन इसे सामान्य समुद्री प्रक्रिया का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि पनामा चीन के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखना चाहता है। 

लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि मामला इतना साधारण नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर चीन पनामा के झंडे वाले जहाजों को लगातार निशाना बनाता है, तो इससे पनामा की वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ सकता है. पनामा दुनिया में जहाज रजिस्ट्रेशन का एक बड़ा केंद्र है और इससे उसे हर साल करीब 100 मिलियन डॉलर की कमाई होती है। 

 

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