नेपाल त्रासदी में चाय बनी जीवनरक्षक, एक कप चाय की चाह ने बचाई दिनेश की जान

रायपुर. अपने दोस्तों के साथ नेपाल की यात्रा पर गए रायपुर निवासी दिनेश ठाकुर सुरक्षित वापस लौट आए हैं. उन्होंने एक न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में नेपाल में आई त्रासदी का जिक्र करते हुए बताया कि चाय की ललक ने उनके साथ उनके दोस्तों की जान बचा ली. लेकिन अपनी आंखों से नेपाल में जो मंजर देखा, उससे उनकी रूह तक कांप गई थी. माना में रहने वाले दिनेश ठाकुर ने बताया कि 21 तारीख को हम पांच दोस्त रायपुर से नेपाल गए थे. काठमांडू, पोखरा मूर्तिनाथ सहित नेपाल के कई इलाकों का भ्रमण किया. पशुपतिनाथ जाने के पहले वे लोग

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Published On :

अगस्त 30, 2026

रायपुर.

अपने दोस्तों के साथ नेपाल की यात्रा पर गए रायपुर निवासी दिनेश ठाकुर सुरक्षित वापस लौट आए हैं. उन्होंने एक न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में नेपाल में आई त्रासदी का जिक्र करते हुए बताया कि चाय की ललक ने उनके साथ उनके दोस्तों की जान बचा ली. लेकिन अपनी आंखों से नेपाल में जो मंजर देखा, उससे उनकी रूह तक कांप गई थी.

माना में रहने वाले दिनेश ठाकुर ने बताया कि 21 तारीख को हम पांच दोस्त रायपुर से नेपाल गए थे. काठमांडू, पोखरा मूर्तिनाथ सहित नेपाल के कई इलाकों का भ्रमण किया. पशुपतिनाथ जाने के पहले वे लोग चाय की दुकान पर रुके थे. वहां हमें त्रासदी की जानकारी मिली, और उसके बाद हम वापस हो लौट गए. उन्होंने बताया कि वे जहां रुके थे, उसके 100 मीटर की दूरी पर भयावता नजर आ रही थी. पेड़, पौधे, घर हमने बहते देखा. बहते हुए लोगों की आवाज आ रही थी. यह देखकर रूह काँप गई थी. हमारे लिए यह अच्छी बात यह रही कि हम भगवान के दर्शन करके वापस आ गए. 30 से 40 घंटा की मेहनत के बाद हम पशुपति नाथ के दर्शन कर पाए.

स्थिति को देखते हुए राखी के त्योहार के दौरान हमने घर में बता दिया था कि हम समय पर वापस नहीं आ पाएंगे. ऐसी स्थिति में नेपाल में सेना की बहनों ने हमें राखी बांधा. इस दौरान हम सरकार के संपर्क में रहे थे. इंटरनेट वह चालू रहा, जिसके चलते परिवार और दोस्तों में संपर्क बना रहा, और हम सकुशल वापस रायपुर आ पाए.