शहरों की तर्ज पर अब गांवों में टैक्स व्यवस्था, कैबिनेट की मंजूरी के बाद होगा लागू

पटना  बिहार में शहरों क्षेत्र की तर्ज पर अब गांवों में भी टैक्स की वसूली होगी। सभी ग्राम पंचायतें हरेक घर से साल भर में औसतन 1200 रुपये टैक्स लेगी। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा पर ग्रामीणों को भी नगर निगम की तर्ज पर होल्डिंग सहित अन्य टैक्स देना होगा। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग की हरी झंडी मिल गई है। अब सम्राट चौधरी कैबिनेट से सहमति मिलने के बाद यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। दरअसल, 16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने देशभर की पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की अनुशंसा की है। इससे आगे

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Published On :

जुलाई 3, 2026

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पटना 
बिहार में शहरों क्षेत्र की तर्ज पर अब गांवों में भी टैक्स की वसूली होगी। सभी ग्राम पंचायतें हरेक घर से साल भर में औसतन 1200 रुपये टैक्स लेगी। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा पर ग्रामीणों को भी नगर निगम की तर्ज पर होल्डिंग सहित अन्य टैक्स देना होगा। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग की हरी झंडी मिल गई है। अब सम्राट चौधरी कैबिनेट से सहमति मिलने के बाद यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

दरअसल, 16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने देशभर की पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की अनुशंसा की है। इससे आगे के वर्षों में वित्त आयोग से मिलने वाली अनुदान राशि में कटौती संभव है। गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर करने के लिए टैक्स लगेगा। स्ट्रीट लाइट और पेयजल आपूर्ति पर भी कर का प्रावधान होगा। नई व्यवस्था में हर घर नल का जल आपूर्ति के लिए अनिवार्य रूप से शुल्क वसूलने का प्रावधान किया जा रहा है।

आवासीय भवनों पर व्यावसायिक भवनों की तुलना में कम टैक्स लगेगा। व्यावसायिक भवनों का टैक्स आकार बाजार और व्यावसाय के हिसाब से तय होगा। मुख्य सड़क और गली स्थित भवनों के लिए भी कर में अंतर हो सकता है। ग्राम पंचायतों के तहत आने वाले बाजार क्षेत्र में भी आवासीय भवनों पर कर सुदूर गांवों के घरों की तुलना में अधिक कर लगेगा। भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर अधिक कर देना होगा।

बिहार में सरकार ग्रामीण इलाकों में शहरों जैसी सुविधाएं बहाल करने के लिए काम कर रही हैं। ग्राम पंचायतों के विकास के लिए सरकार समय समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।पंचायतों को और समृद्ध बनाने के लिए आय के श्रोतों की तलाश की जा रही है। पंचायतों में अपने संसाधन और सैरात विकसित किए जा रहे हैं जिनसे राजस्व की प्राप्ति हो। गांवों विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं सुचारू रखने के लिए नगर क्षेत्र की तर्ज पर गांवों में होल्डिंग टैक्स के अलावे पानी, बिजली, सफाई जैसी सुविधाओं पर टैक्स का संकलन किया जाए। इसी उद्येश्य से सरकार के स्तर पर यह निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि आगामी कैबिनेट में इस प्रस्ताव को पास कराया जाएगा उसके बाद इसे लागू किया जाएगा।

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