Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु चुनाव से पहले बड़ा गठबंधन! CM विजय और कांग्रेस के ऐलान ने बढ़ाई टेंशन

TVK ने अपने नए गठबंधन का नाम ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ रखा है। चेन्नई में हुई बैठक में इसका ऐलान किया गया, जिससे दक्षिण की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 9, 2026

Tamil Nadu Politics: दक्षिण भारत की राजनीतिक पटल पर बुधवार को एक नए अध्याय की शुरुआत हुई, जब कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व में एक नए गठबंधन की औपचारिक घोषणा की गई। इस नए मोर्चे का नाम ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ (Secular Social Justice Victory Alliance) रखा गया है। टीवीके (TVK) के नेतृत्व में बने इस गठबंधन के राजनीतिक गलियारों में दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना है, जो आगामी चुनावों के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

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चेन्नई मुख्यालय में महत्वपूर्ण बैठक और दलों की भागीदारी

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CM विजय और कांग्रेस के ऐलान ने बढ़ाई टेंशन

इस नए गठबंधन का ऐलान चेन्नई के पनैयूर स्थित टीवीके मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समन्वय बैठक के दौरान किया गया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय ने अपने प्रमुख सहयोगियों के साथ इस मुख्यालय पर दूसरी बार महत्वपूर्ण बैठक की।

प्रमुख सहयोगी दल: इस गठबंधन में कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK), एडीएमके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) जैसे दल शामिल हैं।

कांग्रेस की भूमिका: कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने स्पष्ट किया है कि टीवीके के नेतृत्व में बने इस नए गठबंधन की अगुवाई तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में सीएम विजय करेंगे।

वाम दलों ने बनाई दूरी

इस अहम बैठक से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) ने दूरी बनाए रखी और इसमें शामिल न होने का फैसला किया। 1 जुलाई के बाद से औपचारिक गठबंधन वार्ता का यह दूसरा लगातार बहिष्कार है। सीपीएम के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने स्पष्ट किया कि वाम दलों का बाहरी समर्थन पूरी तरह से मुद्दों पर आधारित होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य विधानसभा में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना है।

नेतृत्व के सवाल पर कांग्रेस-टीवीके में आंतरिक खींचतान

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CM विजय और कांग्रेस के ऐलान ने बढ़ाई टेंशन

गठबंधन के भीतर राष्ट्रीय नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस और टीवीके के बीच वैचारिक तनातनी भी देखने को मिल रही है। टीवीके के कुछ मंत्रियों और विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री विजय को 2029 के आम चुनावों के लिए प्रधानमंत्री पद का संभावित उम्मीदवार बताए जाने पर तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।

राहुल गांधी पर कांग्रेस का रुख: कांग्रेस मंत्री एस. राजेश कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि राहुल गांधी राष्ट्रीय विपक्षी गठबंधन के निर्विवाद नेता हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस सर्वसम्मति को कमजोर करने के किसी भी प्रयास से पार्टी राज्य मंत्रिमंडल में अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार कर सकती है।

विवाद को थामने की कोशिश: बढ़ते तनाव को देखते हुए टीवीके नेतृत्व ने सफाई दी कि विजय को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताने वाले बयान विभिन्न विधायकों की व्यक्तिगत राय मात्र थे, जिनका पार्टी के आधिकारिक रुख से सीधा संबंध नहीं है।

डीएमके और एआईडीएमके के समक्ष कड़ी राजनीतिक चुनौती

इस नए राजनीतिक समीकरण के उभरने से तमिलनाडु की पारंपरिक द्वि-दलीय व्यवस्था, जिसमें मुख्य रूप से डीएमके और एआईडीएमके का वर्चस्व रहा है, के सामने एक मजबूत और कड़ा विकल्प खड़ा हो गया है। स्थानीय निकाय चुनावों और आगामी उपचुनावों में यह गठबंधन संयुक्त रूप से मैदान में उतरेगा, जिससे राज्य की सत्ता का शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, वाम दलों की इस बैठक से दूरी भविष्य में राजनीतिक असंतोष और रणनीतिक चुनौतियों का संकेत भी देती है।

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